अन-नाज़ियात · 22/46
अनुवाद उच्चारण — अन-नाज़ियात
ثُمَّ أَدْبَرَ يَسْعَىٰ ۝٢٢
Thumma adbara yas`aa
📖 हिंदी अर्थ
फिर पीठ फेर कर (ख़िलाफ़ की) तदबीर करने लगा
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَدْبَرَ = पीठ फेर ली, मुड़ गया, विमुख हो गया
  • يَسْعَى = दौड़ा, प्रयास किया, भागा (यहाँ अर्थ है: विरोध और फसाद में प्रयासरत हुआ)

तफसीर:

जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के सामने वह महान निशानी पेश की — यानी लाठी का साँप बनना और हाथ का चमकना — तो फ़िरऔन ने उस स्पष्ट चमत्कार को देखकर भी ईमान लाने से इनकार कर दिया। उसने अल्लाह की नाफ़रमानी की और अपने रब की अवज्ञा की।

फिर "ثُمَّ أَدْبَرَ يَسْعَى" — यानी वह ईमान से मुँह मोड़कर पीठ फेर ली और पूरी कोशिश और ज़ोर-शोर से मूसा (अलैहिस्सलाम) का विरोध करने और सच्चाई को मिटाने में जुट गया। वह ज़मीन में फसाद फैलाने के लिए दौड़ा-भागा, अपनी साज़िशें रचता रहा और हर तरह से हक़ को दबाने की कोशिश करता रहा।

कुछ मुफ़स्सिरीन ने कहा है कि जब फ़िरऔन ने लाठी को साँप बनकर रेंगते देखा, तो वह डर के मारे भागा, लेकिन फिर उसकी सरकशी और ग़ुरूर ने उसे वापस ला दिया और वह ईमान के बजाय विरोध और फसाद की राह पर चल पड़ा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई के सामने आने के बाद भी अगर इंसान अपने ग़ुरूर और हठधर्मिता पर अड़ा रहे, तो वह उसी रास्ते पर चलता है जिस पर फ़िरऔन चला — यानी हक़ से मुँह मोड़ना और उसका विरोध करना। अल्लाह तआला ने फ़िरऔन जैसे ताकतवर बादशाह को उसके अंदाज़े से बाहर करके हमेशा के लिए इबरत बना दिया।

आज भी जो इंसान सच्चाई को देखकर उसे क़बूल नहीं करता, वह फ़िरऔन की सीरत पर चलता है। लेकिन अल्लाह रहीम और करीम है — वह चाहता है कि उसके बंदे उसकी तरफ़ रुजू करें। जो शख्स भी सच्चाई को सुनकर, समझकर उसे क़बूल कर लेता है, अल्लाह उसके गुनाह माफ़ कर देता है और उसे जन्नत की राह दिखाता है। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।

🎧 सुनें

📜 आयत 20-24 — अन-नाज़ियात

20فَأَرَاهُ الْآيَةَ الْكُبْرَىٰ
ग़रज़ मूसा ने उसे (असा का बड़ा) मौजिज़ा दिखाया
21فَكَذَّبَ وَعَصَىٰ
तो उसने झुठला दिया और न माना
22ثُمَّ أَدْبَرَ يَسْعَىٰ
फिर पीठ फेर कर (ख़िलाफ़ की) तदबीर करने लगा
23فَحَشَرَ فَنَادَىٰ
फिर (लोगों को) जमा किया और बुलन्द आवाज़ से चिल्लाया
24فَقَالَ أَنَا رَبُّكُمُ الْأَعْلَىٰ
तो कहने लगा मैं तुम लोगों का सबसे बड़ा परवरदिगार हूँ
अन-नाज़ियातकुरान सूची
46आयत
मक्कीRevelation
22आयत

अनुवाद — अन-नाज़ियात 22

सूरा अन-नाज़ियात आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर पीठ फेर कर (ख़िलाफ़ की) तदबीर करने लगा

सूरा आयत 22/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए