अन-नाज़ियात · 43/46
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नाज़ियात
فِيمَ أَنتَ مِن ذِكْرَاهَا ۝٤٣
Feema anta min zikraahaa
📖 हिंदी अर्थ
कि उसका कहीं थल बेड़ा भी है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فِيمَ: किस चीज़ में, किस संबंध में
  • ذِكْرَاهَا: उसका ज्ञान, उसके समय का उल्लेख (यहाँ 'उसका' से अभिप्राय क़ियामत की घड़ी से है)

व्याख्या:

ऐ नबी! ये मुशरिकीन आपसे क़ियामत के आने के समय के बारे में मज़ाक़ और उपहास के तौर पर पूछते हैं। अल्लाह तआला आपको संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि आपका उसके ज्ञान से कोई संबंध नहीं है। आपके पास उस घड़ी के आने के समय की कोई जानकारी नहीं है, न ही यह आपके कामों में से है कि आप उसका समय बताएँ। यह ज्ञान पूर्ण रूप से अल्लाह तआला ही के पास है। आपका काम तो केवल लोगों को उससे डराना और उसके लिए तैयारी करने की नसीहत देना है।

जब वह घड़ी आ जाएगी, तो उसकी भयावहता के कारण लोगों को दुनिया की ज़िंदगी बहुत कम महसूस होगी — जैसे दोपहर से सूर्यास्त तक का समय, या सुबह से दोपहर तक का थोड़ा सा वक़्त। यानी उस दिन की दहशत इतनी सख्त होगी कि पूरी दुनिया की लंबी उम्र भी उन्हें पल भर जैसी लगेगी।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि क़ियामत का सही समय अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता। हमें चाहिए कि उस समय के बारे में बहस करने और खोजने में अपनी उम्र बर्बाद न करें, बल्कि उस दिन के लिए अपने अच्छे कर्मों को तैयार करें। जिस दिन का डर हमें अच्छे कामों की तरफ ले जाए, वही डर हमारे लिए रहमत है। अल्लाह ने हमें दुनिया में इसलिए भेजा है कि हम उसकी इबादत करें और उसके हुक्मों पर चलें, ताकि उस दिन हम कामयाब हों। याद रखिए, जो लोग आज उस घड़ी का मज़ाक उड़ाते हैं, वही कल उसकी सख्ती देखकर पछताएँगे। हमें चाहिए कि हम उस दिन की तैयारी में लगे रहें, क्योंकि असली कामयाबी उसी दिन सामने आएगी।



📜 आयत 41-45 — सूरा अन-नाज़ियात

41فَإِنَّ الْجَنَّةَ هِيَ الْمَأْوَىٰ
तो उसका ठिकाना यक़ीनन बेहश्त है
42يَسْأَلُونَكَ عَنِ السَّاعَةِ أَيَّانَ مُرْسَاهَا
(ऐ रसूल) लोग तुम से क़यामत के बारे में पूछते हैं
43فِيمَ أَنتَ مِن ذِكْرَاهَا
कि उसका कहीं थल बेड़ा भी है
44إِلَىٰ رَبِّكَ مُنتَهَاهَا
तो तुम उसके ज़िक्र से किस फ़िक्र में हो
45إِنَّمَا أَنتَ مُنذِرُ مَن يَخْشَاهَا
उस (के इल्म) की इन्तेहा तुम्हारे परवरदिगार ही तक है तो तुम बस जो उससे डरे उसको डराने वाले हो
अन-नाज़ियातकुरान सूची
46आयत
मक्कीअवतरण स्थान
43आयत

अनुवाद — अन-नाज़ियात 43

सूरा अन-नाज़ियात आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि उसका कहीं थल बेड़ा भी है

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Friday, October 2, 2026

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