अबस · 25/42
अनुवाद उच्चारण — अबस
أَنَّا صَبَبْنَا الْمَاءَ صَبًّا ۝٢٥
Anna sabab nalmaa-a sabba
📖 हिंदी अर्थ
कि हम ही ने (बादल) से पानी बरसाया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • صَبَبْنَا: हमने बहाया / उँडेला
  • صَبًّا: लगातार, ज़ोर से और अच्छी तरह से

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला इंसान को उसके भोजन की ओर ध्यान देने के लिए कहते हैं, जो उसकी ज़िंदगी का सहारा है। अल्लाह फ़रमाता है कि हमने पानी को बादलों से ज़ोर और ग़ाबियत के साथ बरसाया। यानी हमने आसमान से पानी को एक निश्चित मात्रा में, सही समय पर और उस तरीक़े से उतारा जो ज़मीन के लिए फ़ायदेमंद हो। यह पानी बारिश की सूरत में आता है, जो ज़मीन को सींचता है और उसमें से तरह-तरह की नबातात (वनस्पतियाँ) उगाता है।

यह पानी ही है जो अनाज, फल, सब्ज़ियाँ, चारा और हर क़िस्म की चीज़ें पैदा करता है जिनसे इंसान और जानवर दोनों फ़ायदा उठाते हैं। अगर यह पानी न हो, तो ज़मीन बंजर पड़ी रहे और कोई चीज़ पैदा न हो। यह अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है कि उसने पानी को इंसान के भोजन का ज़रिया बनाया।

इस आयत में अल्लाह तआला इंसान को ग़ौर करने की दावत देता है कि वह देखे कि उसका खाना कैसे पैदा होता है। यह कोई इंसानी ताक़त का काम नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत और क़ुदरत का नतीजा है। जब इंसान यह सोचेगा कि उसके सामने रोटी का एक टुकड़ा या फल का एक दाना कितनी मेहनत और अल्लाह की बड़ी तदबीर से तैयार होकर पहुँचता है, तो उसका दिल शुक्र और एहसानमंदी से भर जाएगा।

यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी रोज़ी और खाने-पीने की चीज़ों में अल्लाह की नेमतों को पहचानें और उसका शुक्र अदा करें। अल्लाह ने पानी को बारिश की सूरत में भेजकर ज़मीन को ज़िंदा किया और उससे हमारे लिए रिज़्क़ पैदा किया। यह उसकी रहमत का सबूत है और हमें चाहिए कि इस नेमत का सही इस्तेमाल करें और अल्लाह की इबादत में लगे रहें।

🎧 सुनें

📜 आयत 23-27 — अबस

23كَلَّا لَمَّا يَقْضِ مَا أَمَرَهُ
सच तो यह है कि ख़ुदा ने जो हुक्म उसे दिया उसने उसको पूरा न किया
24فَلْيَنظُرِ الْإِنسَانُ إِلَىٰ طَعَامِهِ
तो इन्सान को अपने घाटे ही तरफ ग़ौर करना चाहिए
25أَنَّا صَبَبْنَا الْمَاءَ صَبًّا
कि हम ही ने (बादल) से पानी बरसाया
26ثُمَّ شَقَقْنَا الْأَرْضَ شَقًّا
फिर हम ही ने ज़मीन (दरख्त उगाकर) चीरी फाड़ी
27فَأَنبَتْنَا فِيهَا حَبًّا
फिर हमने उसमें अनाज उगाया
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अनुवाद — अबस 25

सूरा अबस आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि हम ही ने (बादल) से पानी बरसाया

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Tuesday, August 18, 2026

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