अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُبَشِّرُهُمْ: उन्हें शुभ सूचना देता है।
- رَحْمَةٍ: विशेष दया और करुणा।
- رِضْوَانٍ: अल्लाह की प्रसन्नता, जिसके बाद कोई नाराज़गी नहीं।
- نَعِيمٌ مُقِيمٌ: स्थायी और कभी समाप्त न होने वाला सुख-चैन।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने उन ईमानवाले बंदों को, जिन्होंने उसकी राह में हिजरत की और जिहाद किया, तीन महान चीज़ों की शुभ सूचना देता है:
पहली: उसकी ओर से विशेष दया — यह वह रहमत है जो उनके सारे गुनाहों को ढक देती है और उन्हें हर बुराई से बचाती है।
दूसरी: उसकी प्रसन्नता (रिज़वान) — यह सबसे बड़ी नेमत है, क्योंकि अल्लाह का किसी बंदे से प्रसन्न होना ही सबसे बड़ी सफलता है। यह ऐसी प्रसन्नता है जिसके बाद कभी नाराज़गी नहीं होगी।
तीसरी: ऐसे बाग़ (जन्नतें) जिनमें उनके लिए स्थायी सुख-चैन है — यानी ऐसा आनंद जो कभी खत्म नहीं होगा, न बदलेगा और न घटेगा। यह नेमत हमेशा-हमेशा रहेगी।
यह शुभ सूचना उन्हें इसी दुनिया में दी जाती है, ताकि उनके दिलों को सुकून मिले और वे अल्लाह की राह में और मज़बूती से डटे रहें।
फ़ायदे (उपदेश):
- अल्लाह की रहमत और प्रसन्नता ईमानवालों के लिए सबसे बड़ी नेमत है, जो दुनिया की किसी भी चीज़ से बढ़कर है।
- यह आयत मोमिनों को खुशखबरी देती है कि उनकी मेहनत और कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी — अल्लाह उन्हें ऐसा इनाम देगा जो कभी खत्म नहीं होगा।
- जन्नत का नेमत स्थायी है, जबकि दुनिया की सारी नेमतें अस्थायी हैं — इसलिए बुद्धिमान वही है जो स्थायी चीज़ के लिए अस्थायी चीज़ को कुर्बान कर दे।
- अल्लाह की प्रसन्नता (रिज़वान) जन्नत से भी बड़ी नेमत है, क्योंकि यही वह चीज़ है जो जन्नत के सुख को और भी बढ़ा देती है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने बंदों को डराने के साथ-साथ उन्हें खुशखबरी भी देता है, ताकि उनके दिलों में उम्मीद और मुहब्बत बनी रहे।
📜 आयत 19-23 — अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 21
सूरा अत-तौबा आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुशनूदी और ऐसे (हरे…सूरा आयत 21/129 — अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तौबा सुनें, अत-तौबा अनुवाद, अत-तौबा mp3, अत-तौबा pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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