Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَتِيمًا (यतीमन): अनाथ, वह बच्चा जिसका पिता मर चुका हो।
- فَآوَىٰ (फ़आवा): उसे आश्रय दिया, उसे पनाह दी, उसकी देखभाल की और उसे सहारा दिया।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! क्या अल्लाह ने तुम्हें अनाथ नहीं पाया? तुम्हारे पिता का साया तुम्हारे जन्म से पहले ही उठ गया था, और तुम माँ के पेट में ही थे जब तुम्हारे पिता का इंतक़ाल हो गया। फिर अल्लाह ने अपनी असीम रहमत से तुम्हें आश्रय दिया — पहले तुम्हारे दादा अब्दुल मुत्तलिब ने तुम्हें अपनी गोद में जगह दी, और उनके बाद तुम्हारे चाचा अबू तालिब ने तुम्हारी परवरिश की और तुम्हें अपनी हिफ़ाज़त में ले लिया। इस तरह अल्लाह ने तुम्हें अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि हर दौर में तुम्हारे लिए कोई न कोई सहारा बनाया।
यह अल्लाह की महान दया और करम है कि वह अपने नबी को कभी अकेला नहीं छोड़ता। जब दुनिया में कोई सहारा नहीं होता, तो अल्लाह खुद अपने बंदे का सहारा बन जाता है। यह सिर्फ़ नबी ﷺ के साथ ही नहीं, बल्कि हर उस बंदे के साथ है जो अल्लाह पर भरोसा करता है। अल्लाह कभी अपने नेक बंदों को उनकी मुश्किलों में अकेला नहीं छोड़ता।
इस आयत में अल्लाह अपने नबी को याद दिला रहा है कि जब तुम अनाथ थे, तो मैंने तुम्हें आश्रय दिया। यह एक बड़ा एहसान है, और इसका मक़सद नबी ﷺ को तसल्ली देना है कि जिस अल्लाह ने तुम्हें अनाथी में पनाह दी, वही अल्लाह आगे भी तुम्हारी हिफ़ाज़त करेगा और तुम्हारे दुश्मनों के मुक़ाबले में तुम्हारी मदद करेगा।
यह हमारे लिए भी एक बड़ा सबक़ है — जब हम किसी अनाथ को आश्रय दें, उसकी देखभाल करें, उसे प्यार और सहारा दें, तो हम अल्लाह के नबी ﷺ की सुन्नत पर अमल कर रहे हैं। रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: "मैं और अनाथ की देखभाल करने वाला जन्नत में इस तरह साथ रहेंगे" — और आपने अपनी दो उंगलियों (शहादत और बीच की उंगली) को मिलाकर दिखाया। यानी अनाथों की परवरिश करना जन्नत में नबी ﷺ की संगत पाने का ज़रिया है।
तो इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह हर मुसीबत में अपने बंदे के साथ होता है, और जो लोग अनाथों और कमज़ोरों का सहारा बनते हैं, अल्लाह खुद उनका सहारा बनता है। यह अल्लाह की रहमत की एक झलक है जो हमें उम्मीद देती है कि कोई भी हालत हो, अल्लाह की मदद ज़रूर आती है।
📜 आयत 4-8 — सूरा अद-दुहा
अनुवाद — अद-दुहा 6
सूरा अद-दुहा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या उसने तुम्हें यतीम पाकर (अबू तालिब की) पनाह न…सूरा आयत 6/11 — सूरा अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुहा सुनें, सूरा अद-दुहा अनुवाद, सूरा अद-दुहा mp3, सूरा अद-दुहा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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