अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُؤْمِنُ بِهِ: इस (क़ुरआन) पर ईमान लाएगा।
- لَا يُؤْمِنُ بِهِ: इस पर ईमान नहीं लाएगा।
- بِالْمُفْسِدِينَ: उन लोगों को जो ज़ुल्म, सरकशी और फ़साद फैलाने वाले हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपकी क़ौम (मक्का के काफ़िरों) में से कुछ लोग ऐसे हैं जो इस क़ुरआन पर ईमान लाएँगे, और कुछ लोग ऐसे हैं जो हठधर्मी और ज़िद की वजह से इस पर कभी ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि वे इसी हालत में मर जाएँगे और इसी पर उठाए जाएँगे। आपका रब उन लोगों को खूब जानता है जो ज़ुल्म और सरकशी की वजह से ईमान नहीं लाते और ज़मीन में फ़साद फैलाते हैं। वह उनके इस फ़साद और कुफ़्र की सज़ा उन्हें ज़रूर देगा। यह आपके लिए तसल्ली है कि आपका काम सिर्फ़ पहुँचाना है, हिदायत देना आपका काम नहीं, बल्कि यह अल्लाह के हाथ में है।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह तआला अपने नबी को तसल्ली देता है कि जो लोग ईमान नहीं लाते, उनका हिसाब अल्लाह के ज़िम्मे है, आप पर सिर्फ़ पैग़ाम पहुँचाने की ज़िम्मेदारी है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमें लोगों के ईमान लाने या न लाने पर परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि अपना फ़र्ज़ अदा करते रहना चाहिए।
- अल्लाह का इल्म हर चीज़ पर हावी है — वह जानता है कि कौन सच्चे दिल से ईमान लाता है और कौन ज़िद और फ़साद की वजह से इनकार करता है। यह हमें अल्लाह के सामने अपने इरादों को साफ़ रखने की तरग़ीब देता है।
- इस आयत में काफ़िरों के लिए एक ख़तरनाक चेतावनी है कि उनका फ़साद अल्लाह से छिपा नहीं है, और उन्हें उनके किए की सज़ा ज़रूर मिलेगी। यह हमें अल्लाह के अज़ाब से डरने और उसकी रहमत की तरफ़ लौटने की तरग़ीब देता है।
📜 आयत 38-42 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 40
सूरा यूनुस आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनमें से बाज़ तो ऐसे है कि इस कुरान…सूरा आयत 40/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








