Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَخْرُصُونَ: झूठ बोलते हैं, अटकलें लगाते हैं, झूठी बातें गढ़ते हैं।
- شُرَكَاءَ: साझीदार, जिन्हें वे अल्लाह के साथ पूजा में शामिल करते हैं।
- الظَّنَّ: अटकल, शक, बिना प्रमाण के धारणा।
तफसीर (व्याख्या):
सुनो! निस्संदेह आकाशों और धरती में जो कुछ भी है—चाहे वे फ़रिश्ते हों, इंसान हों, जिन्न हों या अन्य प्राणी—सब अल्लाह ही के हैं। उसी की मलिकियत (स्वामित्व) और हुकूमत सब पर है। वह जो चाहता है, करता है और जैसा चाहता है, फ़ैसला करता है।
फिर अल्लाह तआला उन लोगों की स्थिति बयान करता है जो उसे छोड़कर दूसरों को पूजते हैं। वे जिन्हें अल्लाह के सिवा पुकारते हैं और उन्हें अल्लाह का साझीदार ठहराते हैं, वास्तव में वे किसी सच्ची चीज़ का अनुसरण नहीं कर रहे। उनके ये तथाकथित साझीदार न तो कोई सृष्टि कर सकते हैं, न किसी का भला-बुरा कर सकते हैं, न ही उनके पास कोई शक्ति है। ये सब उनके वहम और गुमान की उपज हैं।
सच्चाई यह है कि वे केवल अपने अटकलों और धारणाओं का अनुसरण कर रहे हैं—उन्हें यह गुमान है कि ये मूर्तियाँ या देवता उन्हें अल्लाह के करीब कर देंगी या उनकी सिफ़ारिश करेंगी। और वे केवल झूठ बोल रहे हैं, क्योंकि अल्लाह की रबूबियत में किसी को साझीदार ठहराना सरासर झूठ और बदतरीन बोहतान है। अल्लाह इससे पाक और बुलंद है कि उसका कोई साझीदार हो।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि पूरी कायनात अल्लाह की मिल्कियत में है, इसलिए हमें उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए।
- अल्लाह के सिवा किसी और की पूजा या उसे अल्लाह का साझीदार बनाना सिर्फ़ अटकलों और झूठ पर आधारित है, जिसकी कोई सच्चाई नहीं।
- यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की ओर बुलाती है—केवल अल्लाह पर भरोसा करना, उसी से डरना और उसी से उम्मीद रखना। जब सब कुछ उसी का है, तो उसके सिवा किसी से डरना या उम्मीद रखना बेकार है।
- यह हमें सिखाती है कि इंसान को अपने दीन और अक़ीदे में सिर्फ़ प्रमाण और सच्चाई की पैरवी करनी चाहिए, न कि अटकलों और बेबुनियाद धारणाओं की।
- अल्लाह की पाकी बयान करना और उसे हर उस चीज़ से मुबर्रा (पवित्र) जानना जो उसके शान के खिलाफ़ है, हमारे ईमान का हिस्सा है। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह हर कमी और हर साझीदार से पाक है।
📜 आयत 64-68 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 66
सूरा यूनुस आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : आगाह रहो इसमें शक़ नहीं कि जो लोग आसमानों में…सूरा आयत 66/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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