यूनुस · 84/109
अनुवाद उच्चारण — यूनुस
وَقَالَ مُوسَىٰ يَا قَوْمِ إِن كُنتُمْ آمَنتُم بِاللَّهِ فَعَلَيْهِ تَوَكَّلُوا إِن كُنتُم مُّسْلِمِينَ ۝٨٤
Wa qaala Moosaa yaa qawmi in kuntum aamantum billaahi fa`alaihi tawakkalooo in kuntum muslimeen
📖 हिंदी अर्थ
और मूसा ने कहा ऐ मेरी क़ौम अगर तुम (सच्चे दिल से) ख़ुदा पर ईमान ला चुके तो अगर तुम फरमाबरदार हो तो बस उसी पर भरोसा करो

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَوَكَّلُوا: भरोसा करो, अपने सारे मामले अल्लाह को सौंप दो।
  • مُسْلِمِينَ: अल्लाह के आगे पूर्ण रूप से आत्मसमर्पण करने वाले, आज्ञाकारी।

व्याख्या:

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम के ईमानवालों को सम्बोधित करते हुए कहा: "ऐ मेरी क़ौम! यदि तुम सच्चे दिल से अल्लाह पर ईमान लाए हो और उसके दीन को अपनाया है, तो फिर उसी पर भरोसा रखो। उसी पर तवक्कुल करो, क्योंकि ईमान का तक़ाज़ा यही है कि बन्दा अपने सारे मामलों में अल्लाह पर ही निर्भर रहे। अपनी ताक़त, अपनी तदबीर और अपने साथियों की गिनती पर भरोसा न करो, बल्कि अल्लाह की मदद और उसकी रहमत पर भरोसा रखो। यदि तुम सच्चे मुसलमान हो—अर्थात् अल्लाह के आगे पूरी तरह सिर झुकाने वाले हो—तो तुम्हारा तवक्कुल भी उसी पर होना चाहिए।"

यह नसीहत उस वक़्त दी गई जब मूसा (अलैहिस्सलाम) की क़ौम फ़िरऔन के ज़ुल्म और उसकी ताक़त के सामने थी। उन्हें डर और ख़ौफ़ था कि फ़िरऔन उन्हें नुक़सान पहुँचाएगा। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें समझाया कि ईमान का माँग ही यह है कि अल्लाह पर भरोसा किया जाए। जो अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए काफ़ी है। तवक्कुल का अर्थ केवल ज़बान से कहना नहीं है, बल्कि दिल का अल्लाह से जुड़ जाना है, उसकी मदद पर यक़ीन रखना है, और उसके फ़ैसले पर राज़ी रहना है। यही सच्चे मुसलमान की पहचान है।

फ़ायदे:

  1. इस आयत से हमें सीख मिलती है कि ईमान और तवक्कुल का आपस में गहरा सम्बन्ध है। जिसका ईमान जितना मज़बूत होगा, उसका तवक्कुल भी उतना ही पक्का होगा।
  2. मुसीबत और ख़तरे के वक़्त में अल्लाह पर भरोसा ही असली पनाह है। इंसान चाहे कितनी ही तदबीरें कर ले, अगर अल्लाह पर भरोसा नहीं है तो उसका दिल बेचैन रहेगा।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपनी ताक़त, अपने धन, अपने रिश्तों और अपने साथियों पर नहीं, बल्कि अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए। अल्लाह ही है जो नुक़सान से बचाता है और फ़ायदा पहुँचाता है।
  4. तवक्कुल का मतलब यह नहीं है कि काम छोड़ दिया जाए, बल्कि इसका मतलब है कि पूरी कोशिश करने के बाद नतीजे को अल्लाह पर छोड़ दिया जाए। यही सच्चा इस्लाम है।
  5. यह आयत हमें बताती है कि नेता और रहनुमा को अपनी क़ौम को हिम्मत देनी चाहिए और उन्हें अल्लाह पर भरोसा करने की तरग़ीब देनी चाहिए, जैसा कि मूसा (अलैहिस्सलाम) ने किया।


📜 आयत 82-86 — यूनुस

82وَيُحِقُّ اللَّهُ الْحَقَّ بِكَلِمَاتِهِ وَلَوْ كَرِهَ الْمُجْرِمُونَ
और ख़ुदा सच्ची बात को अपने कलाम की बरकत से साबित कर दिखाता है अगरचे गुनाहगारों को ना गॅवार हो
83فَمَا آمَنَ لِمُوسَىٰ إِلَّا ذُرِّيَّةٌ مِّن قَوْمِهِ عَلَىٰ خَوْفٍ مِّن فِرْعَوْنَ وَمَلَئِهِمْ أَن يَفْتِنَهُمْ ۚ وَإِنَّ فِرْعَوْنَ لَعَالٍ فِي الْأَرْضِ وَإِنَّهُ لَمِنَ الْمُسْرِفِينَ
अलग़रज़ मूसा पर उनकी क़ौम की नस्ल के चन्द आदमियों के सिवा फिरऔन और उसके सरदारों के इस ख़ौफ से कि उन पर कोई मुसीबत डाल दे कोई ईमान न लाया और इसमें शक़ नहीं कि फिरऔनरुए ज़मीन में बहुत बढ़ा चढ़ा था और इसमें शक़ नहीं कि वह यक़ीनन ज्यादती करने वालों में से था
84وَقَالَ مُوسَىٰ يَا قَوْمِ إِن كُنتُمْ آمَنتُم بِاللَّهِ فَعَلَيْهِ تَوَكَّلُوا إِن كُنتُم مُّسْلِمِينَ
और मूसा ने कहा ऐ मेरी क़ौम अगर तुम (सच्चे दिल से) ख़ुदा पर ईमान ला चुके तो अगर तुम फरमाबरदार हो तो बस उसी पर भरोसा करो
85فَقَالُوا عَلَى اللَّهِ تَوَكَّلْنَا رَبَّنَا لَا تَجْعَلْنَا فِتْنَةً لِّلْقَوْمِ الظَّالِمِينَ
उस पर उन लोगों ने अर्ज़ की हमने तो ख़ुदा ही पर भरोसा कर लिया है और दुआ की कि ऐ हमारे पालने वाले तू हमें ज़ालिम लोगों का (ज़रिया) इम्तिहान न बना
86وَنَجِّنَا بِرَحْمَتِكَ مِنَ الْقَوْمِ الْكَافِرِينَ
और अपनी रहमत से हमें इन काफ़िर लोगों (के नीचे) से नजात दे
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अनुवाद — यूनुस 84

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Tuesday, August 18, 2026

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