Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَوَّأْنَا: हमने बसाया, निवास दिया, स्थान दिया।
- مُبَوَّأَ صِدْقٍ: उत्तम और पवित्र निवास स्थान, जो प्रशंसा के योग्य हो।
- الطَّيِّبَاتِ: पवित्र और हलाल (वैध) आजीविका, अच्छी चीज़ें।
- الْعِلْمُ: ज्ञान, यहाँ अर्थ है क़ुरआन और स्पष्ट सत्य (मुहम्मद ﷺ की नबुव्वत की ख़बर)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने बनी इस्राईल (इस्राईल की संतान) पर बड़ी कृपा की और उन्हें शाम (सीरिया/फ़िलिस्तीन) और मिस्र की धन्य भूमि में एक अच्छा और पसंदीदा निवास स्थान दिया। उन्हें वहाँ ठहराया और उन्हें हलाल, पवित्र और उत्तम आजीविका प्रदान की — जैसे अन्न, फल, पानी के झरने और अन्य अच्छी चीज़ें।
इतने बड़े अनुग्रहों के बावजूद, उन्होंने अपने धर्म के मामले में मतभेद नहीं किया, जब तक कि उनके पास स्पष्ट ज्ञान नहीं आ गया — यानी क़ुरआन और मुहम्मद ﷺ की सच्ची नबुव्वत का प्रमाण, जो उनकी तौरात में पहले से मौजूद था। जब यह सत्य उनके पास आया, तो उन्होंने ईर्ष्या और हठ के कारण उसे अस्वीकार कर दिया और आपस में मतभेद किया। कुछ ने ईमान लाया और कुछ ने इनकार किया। यह मतभेद उनके लिए विनाश का कारण बना, और उन्हें अपने वतन से निकाल दिया गया।
हे नबी! आपका रब क़ियामत के दिन उनके बीच न्याय करेगा और उन सभी मामलों का फ़ैसला करेगा, जिनमें वे दुनिया में मतभेद करते थे। वह सच्चे ईमानवालों को जन्नत में और झुठलाने वालों को जहन्नम में डालेगा, और हर एक को उसके कर्मों का पूरा बदला देगा।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की नेमतें बड़ी हैं — वह अपने बंदों को अच्छा ठिकाना और पवित्र रोज़ी देता है, इसलिए हमें उसका शुक्र अदा करना चाहिए और उसकी नेमतों को पहचानना चाहिए।
- ज्ञान और सत्य आने के बाद मतभेद करना बुरा है — जब सच्चाई स्पष्ट हो जाए, तो उसे मानना चाहिए, न कि हठ और ईर्ष्या से उसे ठुकराना चाहिए।
- अल्लाह का न्याय अटल है — क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा, जब हर विवाद का अंतिम फ़ैसला होगा। यह विश्वास इंसान को सच्चाई पर चलने और झूठ से बचने की प्रेरणा देता है।
- क़ुरआन सबसे बड़ा सत्य है — जो लोग क़ुरआन और रसूल ﷺ की शिक्षाओं को मानते हैं, वे सच्चे कामयाब हैं; और जो उसे ठुकराते हैं, वे घाटे में रहेंगे।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतों का सही उपयोग उसकी इबादत और आपसी भाईचारे में है, न कि फूट और विरोध में।
📜 आयत 91-95 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 93
सूरा यूनुस आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने बनी इसराइल को (मालिक शाम में) बहुत अच्छी…सूरा आयत 93/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


