Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- شَكّ: संदेह, भ्रम
- الَّذِينَ يَقْرَءُونَ الْكِتَابَ مِن قَبْلِكَ: वे लोग जो आपसे पहले उतरी किताबें (तौरात और इंजील) पढ़ते हैं
- الْمُمْتَرِينَ: संदेह करने वाले, शक करने वाले
तफसीर (व्याख्या):
हे नबी! यदि आपको उस चीज़ के बारे में कोई संदेह हो जो हमने आपकी ओर उतारी है (अर्थात क़ुरआन), तो आप उन लोगों से पूछ लें जो आपसे पहले उतरी किताबों (तौरात और इंजील) को पढ़ते हैं। वे आपको बता देंगे कि यह सत्य है, क्योंकि आपका वर्णन और आपके आने की ख़बर उनकी किताबों में मौजूद है। यहूदी और ईसाई अपनी किताबों में आपकी निशानियाँ पाते हैं और आपके नबी होने की सच्चाई को जानते हैं, लेकिन अपनी जिद और हठ के कारण इसे छिपाते हैं।
निश्चय ही आपके पास आपके रब की ओर से सत्य आ चुका है—वह सत्य जिसमें कोई संदेह नहीं, अर्थात क़ुरआन और वह सारी शिक्षा जो आपको दी गई है। अतः आप कदापि संदेह करने वालों में से न हों। यह आयत नबी ﷺ को तसल्ली देने के लिए है, और इसका अर्थ यह नहीं कि नबी ﷺ को वास्तव में कोई संदेह था, बल्कि यह उम्मत के लिए एक सबक़ है कि सत्य के प्रति किसी भी प्रकार का संदेह न रखा जाए।
फ़ायदे (लाभ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य की तलाश में हमें उन लोगों से भी जानकारी ले सकते हैं जो हमसे पहले की किताबों के जानकार हैं, बशर्ते कि वह जानकारी सत्य के अनुरूप हो।
- क़ुरआन और इस्लाम की सच्चाई इतनी स्पष्ट और प्रमाणित है कि उसमें किसी भी प्रकार का संदेह करना उचित नहीं है। पिछली किताबों में भी इसकी पुष्टि मौजूद है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान में दृढ़ता और यक़ीन होना चाहिए, संदेह और भ्रम से बचना चाहिए, क्योंकि संदेह इंसान को सत्य से भटका सकता है।
- अल्लाह ने अपने नबी ﷺ को भी यह नसीहत दी कि सत्य के आ जाने के बाद संदेह की कोई गुंजाइश नहीं—यह हमारे लिए एक शिक्षा है कि जब सत्य स्पष्ट हो जाए तो उसे बिना किसी झिझक के स्वीकार कर लेना चाहिए।
- यह आयत इस बात की ओर भी इशारा करती है कि इस्लाम का संदेश कोई नई चीज़ नहीं है, बल्कि यह उन्हीं सत्यों की पुष्टि है जो पहले की किताबों में मौजूद थे, इसलिए यह सभी मानवता के लिए एक सच्चा और स्थायी मार्गदर्शन है।
📜 आयत 92-96 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 94
सूरा यूनुस आयत 94 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस जो कुरान हमने तुम्हारी तरफ नाज़िल किया है अगर…सूरा आयत 94/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 92–96. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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