अल-हिज्र · 35/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
وَإِنَّ عَلَيْكَ اللَّعْنَةَ إِلَىٰ يَوْمِ الدِّينِ ۝٣٥
Wa inna `alikal la`nata ilaa Yawmid Deen
📖 हिंदी अर्थ
और यक़ीनन तुझ पर रोज़े में जज़ा तक फिटकार बरसा करेगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • اللَّعْنَةَ: अभिशाप, रहमत से दूरी, और हर भलाई से निष्कासन।
  • يَوْمِ الدِّينِ: प्रतिशोध और हिसाब-किताब का दिन, यानी क़ियामत का दिन।

व्याख्या:

अल्लाह तआला ने शैतान से कहा: "और तुझ पर मेरी लानत और रहमत से दूरी है, जो क़ियामत के दिन तक जारी रहेगी।" यानी शैतान आसमानों और ज़मीन में हर जगह लानत का पात्र है, और यह लानत उस पर उस दिन तक रहेगी जब लोगों को हिसाब के लिए उठाया जाएगा। यह लानत उसके लिए सज़ा का एलान है, जो उसके अभिमान और हुक्म की अवहेलना का नतीजा है। इसके बाद शैतान का कोई ठिकाना नहीं, न ही उसे कोई रहमत मिल सकती है, और यह स्थिति उसके लिए हमेशा के लिए तय कर दी गई है।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह की नाफ़रमानी और घमंड का अंजाम लानत और रहमत से महरूमी है, चाहे इंसान कितना भी बड़ा इबादत करने वाला क्यों न हो।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि हमें शैतान के रास्ते से बचना चाहिए, क्योंकि उसका अंजाम पहले से तय है, और हमें उसके बहकावे में आने से सावधान रहना चाहिए।
  3. अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसके हुक्म के सामने झुकते हैं और अपने अंदर घमंड नहीं पालते, जैसा कि शैतान ने किया था।
  4. यह आयत मुसलमानों को अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञा का पालन करने की तरफ राग़िब करती है, ताकि वे उसकी रहमत के हक़दार बनें और लानत से बचे रहें।


📜 आयत 33-37 — सूरा अल-हिज्र

33قَالَ لَمْ أَكُن لِّأَسْجُدَ لِبَشَرٍ خَلَقْتَهُ مِن صَلْصَالٍ مِّنْ حَمَإٍ مَّسْنُونٍ
वह (ढिठाई से) कहने लगा मैं ऐसा गया गुज़रा तो हूँ नहीं कि ऐसे आदमी को सजदा कर बैठूँ जिसे तूने सड़ी हुई खन खन बोलने वाली मिट्टी से पैदा किया है
34قَالَ فَاخْرُجْ مِنْهَا فَإِنَّكَ رَجِيمٌ
ख़ुदा ने फरमाया (नहीं तू) तो बेहश्त से निकल जा (दूर हो) कि बेशक तू मरदूद है
35وَإِنَّ عَلَيْكَ اللَّعْنَةَ إِلَىٰ يَوْمِ الدِّينِ
और यक़ीनन तुझ पर रोज़े में जज़ा तक फिटकार बरसा करेगी
36قَالَ رَبِّ فَأَنظِرْنِي إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ
शैतान ने कहा ऐ मेरे परवरदिगार ख़ैर तू मुझे उस दिन तक की मोहलत दे जबकि (लोग दोबारा ज़िन्दा करके) उठाए जाएँगें
37قَالَ فَإِنَّكَ مِنَ الْمُنظَرِينَ
ख़ुदा ने फरमाया वक्त मुक़र्रर
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
35आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 35

सूरा अल-हिज्र आयत 35 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और यक़ीनन तुझ पर रोज़े में जज़ा तक फिटकार बरसा…

सूरा आयत 35/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 33–37. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए