अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَنْحِتُونَ: पत्थरों को तराशना, काटना (छेनी और हथौड़े जैसे औजारों से पहाड़ों को काटकर आकार देना)।
- مِنَ الْجِبَالِ: पहाड़ों से।
- بُيُوتًا: घर, आवास।
- آمِنِينَ: निडर, भयमुक्त, सुरक्षित।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत समूद (समुद) क़ौम का ज़िक्र कर रही है, जो अपनी ताकत और हुनर में मशहूर थी। वे पहाड़ों को तराशकर उनमें घर बनाते थे। वे बड़ी मेहनत और कुशलता से पत्थरों को काटते, उन्हें चिकना करते और फिर उन्हीं पहाड़ों के अंदर अपने लिए मकान तैयार करते थे। ये घर इतने मज़बूत होते थे कि उन्हें इस बात का डर नहीं होता था कि ये गिर जाएँगे या खराब हो जाएँगे। वे ज़िंदगी की सुरक्षा और आराम की चिंता से मुक्त होकर, अपनी इस दुनियावी ताकत और कारीगरी पर इतराते थे। उन्होंने यह सोचा कि ये पत्थर के मज़बूत घर उन्हें हमेशा के लिए सुरक्षित रखेंगे, लेकिन वे भूल गए कि अल्लाह की पकड़ से कोई चीज़ नहीं बचा सकती। उनकी यही ग़ुरूर और अकड़ आख़िरकार उनके विनाश का कारण बनी, जब अल्लाह का अज़ाब आया तो उनके ये मज़बूत घर उनके किसी काम नहीं आए।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनियावी ताकत, हुनर और तरक्की पर घमंड नहीं करना चाहिए। इंसान चाहे कितनी ही मज़बूत इमारतें बना ले, लेकिन अल्लाह की क़ुदरत के आगे सब बेबस है।
- हमें अपनी ज़िंदगी की सुरक्षा और बेहतरी के लिए अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, न कि सिर्फ दुनियावी ज़रियों पर।
- यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की नेमतें (जैसे ताकत, हुनर, माल) उसकी इबादत और शुक्र के लिए हैं, न कि नाफ़रमानी और ग़ुरूर के लिए। जो इन नेमतों का गलत इस्तेमाल करता है, उसका अंजाम बहुत बुरा होता है।
- क़ुरआन हमें इतिहास से सबक लेने की तरग़ीब देता है ताकि हम उन लोगों के अंजाम से सीखें जो अल्लाह के हुक्म से मुँह मोड़ते हैं, और अपनी ज़िंदगी को सीधे रास्ते पर चलाएँ।
📜 आयत 80-84 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 82
सूरा अल-हिज्र आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बहुत दिल जोई से पहाड़ों को तराश कर घर…सूरा आयत 82/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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