अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- طَبَعَ: मुहर लगा दी, बंद कर दिया।
- الْغَافِلُونَ: बेखबर, जो सत्य से ग़ाफ़िल (अनजान) हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे लोग हैं जिन्होंने ईमान लाने के बाद कुफ़्र (अविश्वास) को अपनाया और दुनिया को आख़िरत पर तरजीह दी। अल्लाह ने उनके दिलों पर मुहर लगा दी, यानी उनके दिल इस क़दर बंद कर दिए गए कि उनमें हिदायत की रोशनी दाख़िल नहीं हो सकती। उनके कानों को इस तरह बहरा कर दिया गया कि वे अल्लाह की आयतों को सुनकर भी उन पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र नहीं करते, और उनकी आँखें अंधी कर दी गईं कि वे अल्लाह की क़ुदरत और एकता पर दलील देने वाले निशानियों को देखकर भी उनसे सबक़ नहीं लेते। यानी उनके दिल, कान और आँखें — तीनों ही हक़ (सत्य) को समझने और क़बूल करने से महरूम कर दी गईं, क्योंकि उन्होंने ख़ुद हक़ को ठुकराया और गुमराही पर अड़े रहे। यही लोग असल में ग़ाफ़िल (बेखबर) हैं — वे उस अज़ाब से बेख़बर हैं जो अल्लाह ने उनके लिए तैयार किया है, और उन कारणों से भी अनजान हैं जो उन्हें सुख और दुख की ओर ले जाते हैं। वे अपने अंजाम और अपने रब की मरज़ी से पूरी तरह ग़ाफ़िल हैं।
फ़ायदे (उपदेश):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की तरफ़ से दिल पर मुहर लगना कोई ज़ुल्म नहीं, बल्कि इंसान के अपने कर्मों का नतीजा है। जब इंसान हक़ को जानबूझकर ठुकराता है और गुनाह पर अड़ा रहता है, तो अल्लाह उसे उसकी हालत पर छोड़ देता है।
- इससे हमें यह सबक़ मिलता है कि हिदायत अल्लाह के हाथ में है, इसलिए हमें हमेशा उससे हिदायत की दुआ माँगनी चाहिए और अपने दिल को साफ़ रखने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि उस पर मुहर न लगे।
- यह आयत हमें आगाह करती है कि जो लोग अल्लाह की आयतों से ग़ाफ़िल रहते हैं, वे असल नुक़सान में हैं — चाहे दुनिया में उन्हें कितनी भी खुशहाली क्यों न हो। इसलिए हमें क़ुरआन और अल्लाह की निशानियों पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र करते रहना चाहिए।
- यहाँ से हमें यह भी पता चलता है कि अल्लाह का डर और उसकी इबादत ही वह चीज़ है जो दिल को ज़िंदा रखती है और उसे हिदायत की रोशनी से मालामाल करती है।
📜 आयत 106-110 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 108
सूरा अन-नहल आयत 108 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये वही लोग हैं जिनके दिलों पर और उनके कानों…सूरा आयत 108/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 106–110. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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