अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذَرَأَ: पैदा किया, फैलाया, सृष्टि की।
- مُخْتَلِفًا أَلْوَانُهُ: जिसके रंग अलग-अलग हैं, यानी कई किस्में और प्रकार।
- يَذَّكَّرُونَ: वे लोग जो सोच-विचार करते हैं, सबक लेते हैं और याद रखते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी असीम शक्ति और दया का ज़िक्र करते हुए बताया कि उसने धरती में तुम्हारे लिए तरह-तरह की चीज़ें पैदा की हैं — जानवर, पेड़-पौधे, फल, खनिज पदार्थ, अनाज और दूसरी ज़रूरत की चीज़ें। इन सबके रंग, रूप, स्वाद और फायदे अलग-अलग हैं। कोई लाल है, कोई पीला, कोई हरा, कोई सफेद; कोई मीठा, कोई खट्टा, कोई कड़वा। यह सब कुछ अल्लाह ने इंसान के लिए मुसख़्खर (अधीन) कर दिया है ताकि वह उनसे फायदा उठाए।
इस सृष्टि में, इन चीज़ों के अलग-अलग रंगों और फायदों में एक बड़ी निशानी है — अल्लाह की कुदरत (शक्ति), उसकी वहदानियत (एकता) और उसकी बेपनाह रहमत की। जो लोग सोचते-समझते हैं, वे इन चीज़ों को देखकर अल्लाह की अज़मत को पहचानते हैं और समझ जाते हैं कि यह सब किसी अपने आप नहीं बना, बल्कि एक हकीम (तत्वदर्शी) और कादिर (सर्वशक्तिमान) ख़ालिक़ ने बनाया है। वे इससे सबक लेते हैं कि जिसने इतनी विविधता और सुंदरता से यह दुनिया बनाई, वही अकेला इबादत (पूजा) के लायक है, और उसके साथ किसी को शरीक नहीं करना चाहिए।
फायदे और सबक:
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की बनाई हुई चीज़ों पर ग़ौर करना इबादत है। जब हम किसी फल, जानवर या पहाड़ को देखें, तो उसमें अल्लाह की कुदरत की झलक पहचानें।
- अल्लाह ने यह सब कुछ हमारे लिए बनाया है — यह उसकी महान दया और मुहब्बत का सबूत है। इसलिए हमें उसका शुक्र अदा करना चाहिए और उसकी नेमतों का सही इस्तेमाल करना चाहिए।
- रंगों और किस्मों का अंतर हमें सिखाता है कि यह दुनिया जानबूझकर बनाई गई है, कोई इत्तफ़ाक़ (संयोग) नहीं है। यह हमारे ईमान को मज़बूत करता है।
- जो लोग सोचते-समझते हैं, वही अल्लाह की निशानियों से फायदा उठा पाते हैं। इसलिए हमें दिल और दिमाग़ से ग़ौर करने की आदत बनानी चाहिए।
- यह आयत हमें अल्लाह की वहदानियत की याद दिलाती है — जिसने इतनी बड़ी और विविध सृष्टि बनाई, वही अकेला पूजा के लायक है। यह हमें शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को साझीदार बनाने) से बचाती है और तौहीद (एकेश्वरवाद) पर चलने की तरफ़ ले जाती है।
📜 आयत 11-15 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 13
सूरा अन-नहल आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो तरह तरह के रंगों की चीज़े उसमें ज़मीन…सूरा आयत 13/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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