अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ظَلَمَ (ज़ुल्म किया): यहाँ इसका अर्थ है शिर्क किया, यानी अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराया।
- نُكْرًا (नुक्रन): बहुत ही भयानक, अत्यंत कठोर और अनोखा (ऐसा अज़ाब जिसकी मिसाल न हो)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ज़ुल-क़रनैन ने उस क़ौम को दो हिस्सों में बाँटा और स्पष्ट नीति बताई। उन्होंने कहा: "जिसने ज़ुल्म किया" — यानी जिसने अल्लाह के साथ शिर्क किया और अपनी ज़िद व अहंकार के कारण सत्य को स्वीकार नहीं किया, उसके लिए दुनिया में सज़ा है। वह या तो मारा जाएगा या उसे कठोर दंड दिया जाएगा, ताकि वह रुक जाए और उसका ज़ुल्म दूसरों तक न फैले। यह दुनिया की सज़ा है, लेकिन यहीं बात ख़त्म नहीं होती। उसके बाद वह अपने रब की ओर लौटाया जाएगा, और अल्लाह उसे आख़िरत में ऐसा अज़ाब देगा जो बहुत ही भयानक और अद्भुत होगा — जिसे कोई कल्पना भी नहीं कर सकती। यह अज़ाब दुनिया की सज़ा से कहीं अधिक सख्त और स्थायी है।
यहाँ एक बड़ी सीख है: अल्लाह की राह में इंसाफ़ और हक़ की स्थापना के लिए सज़ा देना ज़रूरी है, लेकिन असली इंसाफ़ और पूरा बदला अल्लाह के पास है। ज़ुल्म चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अल्लाह उसे अनदेखा नहीं करता। यह आयत हमें डराती है कि शिर्क और ज़ुल्म से बचें, क्योंकि इसका अंजाम दुनिया और आख़िरत दोनों में बुरा है। साथ ही यह भी सिखाती है कि एक नेक हाकिम (शासक) का फर्ज़ है कि वह ज़ालिम को रोके और उसे सज़ा दे, ताकि समाज में अमन और इंसाफ़ क़ायम रहे। और जो लोग ईमान लाएँ और अच्छे काम करें, उनके लिए अल्लाह की रहमत और जन्नत है — जैसा कि अगली आयत में बताया गया है। यह तरीक़ा ही संतुलित है: ज़ालिम के लिए सख्ती, और नेक के लिए नर्मी और इनाम। यही अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है जो उसने अपने नेक बंदों को सिखाई।
📜 आयत 85-89 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 87
सूरा अल-कहफ आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जुलकरनैन ने अर्ज़ की जो शख्स सरकशी करेगा तो हम…सूरा आयत 87/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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