मरियम · 34/98
अनुवाद उच्चारण — सूरा मरियम
ذَٰلِكَ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ ۚ قَوْلَ الْحَقِّ الَّذِي فِيهِ يَمْتَرُونَ ۝٣٤
Zaalika `Eesab-nu Marya; qawlal haqqil lazee feehi yamtaroon
📖 हिंदी अर्थ
ये है कि मरियम के बेटे ईसा का सच्चा (सच्चा) क़िस्सा जिसमें ये लोग (ख्वाहमख्वाह) शक किया करते हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

यह वही ईसा (अलैहिस्सलाम) हैं जो मरियम (अलैहिस्सलाम) के पुत्र हैं। यह सत्य का वचन है, जिसके बारे में लोग संदेह और विवाद करते हैं। यहाँ अल्लाह तआला अपने नबी ईसा (अलैहिस्सलाम) की सच्ची और वास्तविक पहचान बयान कर रहे हैं, जो उनके जन्म, उनकी माँ की पवित्रता और उनके अल्लाह के नबी होने से संबंधित है। यह वही सत्य है जिसे क़ुरआन ने स्पष्ट रूप से बयान किया है, लेकिन यहूदियों और ईसाइयों ने इसके बारे में अलग-अलग झूठे विश्वास बना लिए। यहूदियों ने उन्हें जादूगर और झूठा कहा, जबकि कुछ ईसाइयों ने उन्हें अल्लाह का बेटा या स्वयं अल्लाह कह दिया, और कुछ ने उन्हें अल्लाह का साझीदार बना दिया। ये सभी बातें झूठ और भ्रम हैं। अल्लाह तआला ने अपने नबी ईसा (अलैहिस्सलाम) को एक सामान्य इंसान और अपना पैग़म्बर बनाकर भेजा था, और उनकी पैदाइश बिना पिता के अल्लाह की क़ुदरत का एक बड़ा नमूना थी, जो अल्लाह की ताक़त को दर्शाती है। यह वचन अल्लाह की ओर से सत्य है, और इसमें कोई संदेह नहीं है। जो लोग इसमें संदेह करते हैं, वे वास्तव में सत्य से भटक गए हैं। हमें चाहिए कि हम ईसा (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह के नबी और उसके बंदे के रूप में मानें, जैसा कि क़ुरआन ने सिखाया है, और उनके बारे में किसी भी अतिशयोक्ति या कमी से बचें। यही सीधा रास्ता है, और यही वह सत्य है जो हमें अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत तक पहुँचाता है।



📜 आयत 32-36 — सूरा मरियम

32وَبَرًّا بِوَالِدَتِي وَلَمْ يَجْعَلْنِي جَبَّارًا شَقِيًّا
और (अलहमदोलिल्लाह कि) मुझको सरकश नाफरमान नहीं बनाया
33وَالسَّلَامُ عَلَيَّ يَوْمَ وُلِدتُّ وَيَوْمَ أَمُوتُ وَيَوْمَ أُبْعَثُ حَيًّا
और (खुदा की तरफ़ से) जिस दिन मैं पैदा हुआ हूँ और जिस दिन मरूँगा मुझ पर सलाम है और जिस दिन (दोबारा) ज़िन्दा उठा कर खड़ा किया जाऊँगा
34ذَٰلِكَ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ ۚ قَوْلَ الْحَقِّ الَّذِي فِيهِ يَمْتَرُونَ
ये है कि मरियम के बेटे ईसा का सच्चा (सच्चा) क़िस्सा जिसमें ये लोग (ख्वाहमख्वाह) शक किया करते हैं
35مَا كَانَ لِلَّهِ أَن يَتَّخِذَ مِن وَلَدٍ ۖ سُبْحَانَهُ ۚ إِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ
खुदा कि लिए ये किसी तरह सज़ावार नहीं कि वह (किसी को) बेटा बनाए वह पाक व पकीज़ा है जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस उसको कह देता है कि ''हो जा'' तो वह हो जाता है
36وَإِنَّ اللَّهَ رَبِّي وَرَبُّكُمْ فَاعْبُدُوهُ ۚ هَٰذَا صِرَاطٌ مُّسْتَقِيمٌ
और इसमें तो शक ही नहीं कि खुदा (ही) मेरा (भी) परवरदिगार है और तुम्हारा (भी) परवरदिगार है तो सब के सब उसी की इबादत करो यही (तौहीद) सीधा रास्ता है
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीअवतरण स्थान
34आयत

अनुवाद — मरियम 34

सूरा मरियम आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये है कि मरियम के बेटे ईसा का सच्चा (सच्चा)…

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Thursday, October 1, 2026

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