Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَا يَمْلِكُونَ الشَّفَاعَةَ: वे (काफ़िर) किसी के लिए सिफ़ारिश करने का अधिकार नहीं रखते।
- اتَّخَذَ عِندَ الرَّحْمَٰنِ عَهْدًا: जिसने रहमान (अल्लाह) के पास (ईमान और तौहीद का) वचन/अहद किया हो।
तफ़सीर:
यह आयत क़ियामत के दिन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण हक़ीक़त बयान करती है। उस दिन कोई भी व्यक्ति किसी के लिए सिफ़ारिश (शफ़ाअत) करने का मालिक नहीं होगा, सिवाय उसके जिसने दुनिया में रहते हुए अल्लाह रहमान के साथ एक पक्का अहद किया हो—यानी ईमान लाया हो, उसकी वहदानिय्यत (एकता) को स्वीकार किया हो, और उसके रसूलों पर ईमान रखा हो। यह अहद सिर्फ़ ज़ुबानी नहीं, बल्कि दिल और अमल से होना चाहिए।
क़ुरआन करीम हमें बताता है कि क़ियामत के दिन काफ़िरों के पास कोई वसीला नहीं होगा, न उनकी कोई सिफ़ारिश क़ुबूल होगी और न ही उन्हें किसी की सिफ़ारिश का लाभ मिलेगा। लेकिन जो लोग दुनिया में अल्लाह से वादा करके गए—यानी ईमान, नेकी और अल्लाह के प्रति वफ़ादारी का अहद—उन्हीं के लिए उस दिन शफ़ाअत का दरवाज़ा खुलेगा, और वह भी सिर्फ़ अल्लाह की इजाज़त से, जैसा कि दूसरी आयतों में बताया गया है।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी देती है: अगर हम आज अल्लाह से सच्चा अहद कर लें—अपने ईमान को मज़बूत करें, अपने अमल को सुधारें, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें—तो यही अहद क़ियामत के दिन हमारे लिए सबसे बड़ा सहारा बनेगा। अल्लाह रहमान अपने बंदों पर इतना मेहरबान है कि उसने खुद ही यह रास्ता हमारे लिए आसान कर दिया है। वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें, उससे वादा करें और उस वादे पर क़ायम रहें।
तो आइए, हम आज ही अपने रहमान रब से यह अहद करें—सिर्फ़ उसी की इबादत करेंगे, सिर्फ़ उसी से मदद माँगेंगे, और अपनी पूरी ज़िंदगी उसकी रज़ा के लिए समर्पित कर देंगे। यही वह अहद है जो हमें उस महान दिन की मुश्किलों से बचाएगा और हमें उसकी रहमत के साये में ले जाएगा। अल्लाह हमें इस अहद पर साबित-क़दम रखे। आमीन।
📜 आयत 85-89 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 87
सूरा मरियम आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस दिन) ये लोग सिफारिश पर भी क़ादिर न होंगे…सूरा आयत 87/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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