Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَذَٰلِكَ – ऐसे ही, इसी प्रकार
- هَيِّنٌ – आसान, सरल
- وَلَمْ تَكُ شَيْئًا – और तुम कुछ भी नहीं थे (अर्थात तुम्हारा अस्तित्व नहीं था)
तफ़सीर (व्याख्या):
जब ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि मेरे बुढ़ापे और मेरी पत्नी के बांझपन के बावजूद मुझे संतान कैसे मिल सकती है, तो फ़रिश्ते ने उन्हें उत्तर दिया: "ऐ ज़करिय्या! यह बात तुम्हारे लिए अजीब नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह तुम्हारे रब का फ़रमान है।" अल्लाह तआला ने जब किसी चीज़ का फ़ैसला कर लेता है, तो वह उसके लिए बिल्कुल आसान होती है। यही वह सिद्धांत है जो हमें सिखाता है कि अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) के आगे हर कठिनाई बेमानी है।
फिर अल्लाह ने ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) को उससे भी बड़ी निशानी की याद दिलाई: "मैंने तुम्हें इससे पहले पैदा किया, जब तुम कुछ भी नहीं थे।" यानी जिस अल्लाह ने तुम्हें शून्य से अस्तित्व दिया, उसके लिए एक बूढ़े पिता और बांझ माँ से संतान पैदा करना क्या मुश्किल है? यह एक ऐसा सबक है जो हमें बताता है कि अल्लाह की रहमत और क़ुदरत की कोई सीमा नहीं।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है: जब हम किसी मुश्किल में होते हैं और हमें लगता है कि अब कोई रास्ता नहीं, तो हमें याद रखना चाहिए कि अल्लाह ने हमें कुछ नहीं से पैदा किया। जिसने हमें यह जीवन दिया, वह हमारी हर ज़रूरत को पूरा कर सकता है। हमें अपनी दुआओं में यक़ीन रखना चाहिए और अल्लाह की रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए। यही ईमान की असली ताक़त है – यह जानना कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर (सक्षम) है।
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह से माँगते रहना चाहिए, चाहे हालात कितने भी विपरीत हों, क्योंकि अल्लाह की दया और शक्ति हर हद से बाहर है। ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) की दुआ ने उन्हें वह नेमत दिलाई जो उम्र और वजह के हिसाब से नामुमकिन लगती थी। हमें भी चाहिए कि अपनी हर ज़रूरत में अल्लाह से जुड़ें और उस पर पूरा भरोसा रखें।
📜 आयत 7-11 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 9
सूरा मरियम आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (खुदा ने) फ़रमाया ऐसा ही होगा तुम्हारा परवरदिगार फ़रमाता है…सूरा आयत 9/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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