Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अन्ना (أنى): कैसे, किस तरह से।
- ग़ुलाम (غلام): लड़का, बेटा।
- आक़िरन (عاقرًا): बाँझ, जो संतान को जन्म न दे सके।
- उतिय्यन (عتيًا): बुढ़ापे की अत्यधिक अवस्था, हड्डियों का सूखकर कड़ा हो जाना, शरीर का पूरी तरह कमज़ोर पड़ जाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) ने जब अल्लाह की ओर से संतान की शुभ सूचना सुनी, तो वे आश्चर्य में पड़ गए और कहने लगे: "ऐ मेरे रब! मेरे लिए लड़का कैसे हो सकता है, जबकि मेरी पत्नी बाँझ है और मैं बुढ़ापे की आख़िरी मंज़िल पर पहुँच चुका हूँ, मेरी हड्डियाँ सूख चुकी हैं और शरीर पूरी तरह कमज़ोर हो गया है?"
यह प्रश्न अल्लाह की क़ुदरत पर शक करने के लिए नहीं था, बल्कि यह विस्मय और अचरज का इज़हार था। वे अल्लाह की रहमत और क़ुदरत से अच्छी तरह वाक़िफ़ थे, लेकिन इंसानी उम्र के हिसाब से यह बात नामुमकिन लग रही थी। उन्होंने अपनी कमज़ोरी और अपनी बीवी की बाँझपन का ज़िक्र इसलिए किया ताकि अल्लाह की क़ुदरत और भी ज़्यादा साफ़ झलके — जब सारे ज़रिए बंद हों, तभी अल्लाह की ताक़त का कमाल नज़र आता है।
यह हमारे लिए एक बड़ा सबक़ है कि अल्लाह की क़ुदरत की कोई हद नहीं। जब वह किसी काम का इरादा करता है, तो उसके लिए सिर्फ़ "कुन" (हो जा) कहना काफ़ी है। इंसानी समझ और तदबीर के हिसाब से जो बात नामुमकिन लगती है, अल्लाह उसे मुमकिन बना देता है। हज़रत ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) की यह दुआ और उनका यह अचरज हमें सिखाता है कि हमें हर हाल में अल्लाह से उम्मीद रखनी चाहिए, चाहे हालात कितने ही मुश्किल क्यों न हों।
अल्लाह तआला ने उनकी इस दुआ को क़बूल किया और उन्हें यह्या (अलैहिस्सलाम) जैसा नेक और पाक बेटा अता किया, जो आगे चलकर नबी बना। यह अल्लाह की रहमत की निशानी है कि वह अपने नेक बंदों की उम्मीदों को कभी नाकाम नहीं करता। हमें भी चाहिए कि अपनी दुआओं में अल्लाह से वह माँगें जो हमारी समझ से बाहर हो, क्योंकि अल्लाह के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है।
📜 आयत 6-10 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 8
सूरा मरियम आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ज़करिया ने अर्ज़ की या इलाही (भला) मुझे लड़का क्योंकर…सूरा आयत 8/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


