Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अल-हिक्मा (الحكمة): सही बात कहने और सही काम करने की समझ, उपयोगी ज्ञान, और दीन की गहरी समझ।
- उलुल-अल्बाब (أولو الألباب): बुद्धिमान और समझदार लोग, जो अक्ल से काम लेते हैं और अल्लाह की निशानियों से सबक लेते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों में से जिसे चाहता है, हिक्मत (समझ और सही फैसले की क्षमता) अता करता है। यह हिक्मत सिर्फ दुनियावी ज्ञान नहीं है, बल्कि दीन की समझ, अच्छे और बुरे में फर्क करने की क्षमता, और हर मामले में सही रास्ता चुनने की तौफीक है। जिसे अल्लाह यह हिक्मत देता है, उसे बेशक बहुत बड़ी भलाई मिल जाती है—ऐसी भलाई जो दुनिया के सारे खज़ानों से बेहतर है। यह वह नेमत है जो इंसान को दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाब बनाती है।
यहाँ अल्लाह तआला हमें बताता है कि हिक्मत उसके हाथ में है, वह जिसे चाहे देता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह से हिक्मत की दुआ करें और उसके दिए हुए ज्ञान को अपने अमल में लाएँ। जिसे यह नेमत मिली, उसने असल में सब कुछ पा लिया—चाहे उसके पास दुनिया का माल कम ही क्यों न हो। और जिसे यह नेमत नहीं मिली, वह दुनिया का सारा माल पाकर भी खाली हाथ है।
फिर अल्लाह फरमाता है कि इस बात से सबक सिर्फ वही लोग लेते हैं जो अक्लमंद हैं, जो अपनी बुद्धि को अल्लाह की रोशनी से रोशन करते हैं। यानी जिनके दिल खुले हैं और जो अल्लाह की आयतों पर गौर करते हैं। ऐसे लोग ही हिक्मत की कद्र करते हैं और उसे पाने की कोशिश करते हैं।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि असली कामयाबी दौलत या ओहदे में नहीं है, बल्कि अल्लाह की दी हुई समझ और हिक्मत में है। जब हम कुरान और सुन्नत की रोशनी में जीना सीख जाएँ, तो हमारे फैसले सही होंगे, हमारी ज़ुबान सच्ची होगी और हमारे काम नेक होंगे। यही वह चीज़ है जो हमें जन्नत तक पहुँचाती है। अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें हिक्मत अता करे और हमें उन लोगों में शामिल करे जो सुनते हैं और सबक लेते हैं। याद रखें, जो लोग अक्ल से काम लेते हैं और अल्लाह की तरफ रुजू करते हैं, वही असल में दुनिया और आखिरत की भलाई पाते हैं।
📜 आयत 267-271 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 269
सूरा अल-बकरा आयत 269 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह जिसको चाहता है हिकमत अता फ़रमाता है और जिसको…सूरा आयत 269/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 267–271. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


