Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُسَبِّحُونَ: वे पवित्रता बयान करते हैं, अल्लाह को हर कमी और दोष से पाक बताते हैं।
- لَا يَفْتُرُونَ: वे कमज़ोर नहीं पड़ते, न थकते हैं और न ही इस कार्य में कोई ढील देते हैं। "फ़ुतूर" का मूल अर्थ है—तेज़ी के बाद सुस्ती या ठहराव।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन फ़रिश्तों का वर्णन कर रही है जो अल्लाह के निकट हैं। वे दिन-रात, लगातार और बिना किसी रुकावट के अल्लाह की तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) करते रहते हैं। न उन्हें नींद आती है, न थकान होती है, और न ही वे इस इबादत से ऊबते हैं। उनका यह कार्य उनकी फ़ितरत (स्वभाव) बन गया है—जैसे साँस लेना हमारे लिए स्वाभाविक है, वैसे ही उनके लिए तस्बीह करना। वे हर पल अल्लाह की महानता, उसकी कुदरत और उसकी बेमिसाल सिफ़ात को याद करते हैं और उसे हर ऐब से पाक बताते हैं।
यह आयत हम इंसानों के लिए एक अद्भुत सबक़ है। जब फ़रिश्ते—जो कभी गुनाह नहीं करते—इतने लगन और स्थिरता के साथ अल्लाह की इबादत में लगे रहते हैं, तो हमें भी चाहिए कि अपनी नमाज़, ज़िक्र और अच्छे कामों में पूरी लगन दिखाएँ। हमारी ज़िंदगी में उतार-चढ़ाव आते हैं, कभी हौसला कम होता है, लेकिन हमें सीखना चाहिए कि अल्लाह की याद में दिल को सुकून मिलता है। जो लोग अल्लाह को याद करते हैं, उनके दिल तस्कीन पाते हैं। यह आयत हमें बताती है कि इबादत में एकरूपता (constancy) कितनी प्यारी चीज़ है—चाहे थोड़ी ही सही, लेकिन लगातार। अल्लाह उन बंदों से मुहब्बत करता है जो उसे लगातार याद करते हैं, और यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ ले जाता है। आइए, हम भी अपने दिन-रात को अल्लाह की याद से रोशन करें और उसकी रहमत के हक़दार बनें।
📜 आयत 18-22 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 20
सूरा अल-अंबिया आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : रात और दिन उसकी तस्बीह किया करते हैं (और) कभी…सूरा आयत 20/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


