अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- इस्माईल (إِسْمَاعِيلَ): हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के बेटे, अरब के नबी।
- इदरीस (إِدْرِيسَ): अल्लाह के नबी, जिनका ज़िक्र कुरआन में आया है।
- ज़ुल-किफ्ल (ذَا الْكِفْلِ): अल्लाह के नबियों में से एक नबी, जिन्हें यह उपाधि दी गई।
- साबिरीन (الصَّابِرِينَ): सब्र करने वाले, धैर्य रखने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबियों का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि हे नबी! आप इस्माईल, इदरीस और ज़ुल-किफ्ल (अलैहिमुस्सलाम) का ज़िक्र करें। ये तीनों महान नबी उन लोगों में से थे जिन्होंने अल्लाह की आज्ञा का पालन करने में, उसकी मनाही से बचने में, और उसके फ़ैसलों पर रज़ा रखने में अद्भुत सब्र और धैर्य का प्रदर्शन किया।
हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम ने अपने पिता इब्राहीम अलैहिस्सलाम के साथ अल्लाह के आदेश पर कुर्बानी के लिए खुद को पेश किया और इस पर सब्र किया। हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम उच्च आचरण, इबादत और ज्ञान में अपने समय के सबसे आगे थे। हज़रत ज़ुल-किफ्ल अलैहिस्सलाम भी अपने वादे को पूरा करने, न्याय करने और अल्लाह के कामों में सब्र करने के लिए प्रसिद्ध थे।
इन नबियों का सब्र केवल मुसीबतों पर सब्र नहीं था, बल्कि वे अल्लाह की इबादत पर, उसके आदेशों के पालन पर, और उसकी राह में आने वाली कठिनाइयों पर भी सब्र करने वाले थे। उन्होंने अपने जीवन में हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखा और उसकी रज़ा पर राज़ी रहे। इसी सब्र की बदौलत अल्लाह ने उन्हें सच्चाई, ईमानदारी और उच्च पदों से नवाज़ा और उन्हें दुनिया में अच्छी यादगार और आख़िरत में बड़ा मुक़ाम अता किया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सब्र एक ऐसा गुण है जो अल्लाह के नबियों की पहचान था। आज हमें भी अपने जीवन में सब्र को अपनाना चाहिए—चाहे मुसीबतें आएँ, परेशानियाँ हों, या अल्लाह की इबादत में कठिनाई हो। सब्र ही वह चाबी है जो हमें अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत तक पहुँचाती है। जब हम सब्र करते हैं, तो अल्लाह हमें इज़्ज़त देता है, हमारे दिल को सुकून देता है, और हमारे लिए बेहतर रास्ते खोलता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम इन नबियों के नक्शे-क़दम पर चलें, अपने जीवन में धैर्य और सब्र को अपनाएँ, और अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें। याद रखें, सब्र का फल हमेशा मीठा होता है—दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 83-87 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 85
सूरा अल-अंबिया आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) इसमाईल और इदरीस और जुलकिफ्ल (के वाक़यात…सूरा आयत 85/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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