अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حِجْرًا مَّحْجُورًا: यानी पूरी तरह से हराम और मना किया हुआ, ऐसा जिसमें कोई गुंजाइश या राह न हो।
तफसीर (व्याख्या):
उस दिन को याद करो जब अपराधी (मुजरिम) फ़रिश्तों को देखेंगे। यह वह समय होगा जब वे मौत के वक़्त, क़ब्र में, हश्र के मैदान में और जहन्नम की तरफ ले जाते वक़्त फ़रिश्तों को अपनी आँखों से देखेंगे। लेकिन उनके लिए उस दिन कोई खुशखबरी नहीं होगी। मोमिनीन के लिए फ़रिश्तों का दीदार बशारत (खुशखबरी) और सलामती का पैग़ाम लेकर आता है, लेकिन इन मुजरिमों के लिए यही दीदार अज़ाब और रंज का ज़रिया बनेगा। फ़रिश्ते उनसे कहेंगे: "तुम्हारे लिए जन्नत पूरी तरह से हराम कर दी गई है, यह तुम पर सख़्त मना है।" यानी जिस तरह दुनिया में वे अल्लाह की रहमत से महरूम रहे, उसी तरह आख़िरत में भी उनके लिए हर भलाई का दरवाज़ा बंद कर दिया जाएगा।
यह आयत हमें चौंकाती है और सोचने पर मजबूर करती है कि आज हम फ़रिश्तों को नहीं देखते, लेकिन एक दिन ज़रूर देखेंगे। अगर हम नेक और मोमिन बनकर जिएँगे, तो फ़रिश्ते हमें जन्नत की खुशखबरी देंगे और हमारा स्वागत करेंगे। लेकिन अगर हम गुनाहों और सरकशी में डूबे रहे, तो वही फ़रिश्ते हमारे लिए अज़ाब का ज़रिया बन जाएँगे। यह आयत दिल को झिंझोड़ती है कि हम अपनी ज़िंदगी को संवारें, अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें और अपने आपको उस अंजाम से बचाएँ जो मुजरिमों का इंतज़ार कर रहा है। अल्लाह की रहमत बहुत वसीअ है, और वह चाहता है कि हम उसकी तरफ रुजू करें, तौबा करें और अपने अंजाम को बेहतर बनाएँ। यही हमारी कामयाबी है।
📜 आयत 20-24 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 22
सूरा अल-फुरकान आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन ये लोग फरिश्तों को देखेंगे उस दिन गुनाह…सूरा आयत 22/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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