Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَقَرَأَهُ عَلَيْهِمْ – और वह (क़ुरआन) उन्हें पढ़कर सुनाता।
- مَا كَانُوا بِهِ مُؤْمِنِينَ – वे उस पर ईमान लाने वाले नहीं थे।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि अगर हम यह क़ुरआन किसी ग़ैर-अरब व्यक्ति पर उतारते, जो अरबी भाषा नहीं जानता, और वह इसे क़ुरैश के काफ़िरों को स्पष्ट अरबी में पढ़कर सुनाता, तो भी वे इस पर ईमान नहीं लाते। वे बहाना बनाते कि हम इसकी भाषा नहीं समझते, या यह कहते कि यह तो किसी अजनबी की बात है। यह उनके जिद्दीपन और हठधर्मिता को दर्शाता है।
असल में, अल्लाह ने क़ुरआन को उन्हीं की भाषा (अरबी) में उतारा ताकि उनके पास कोई बहाना न बचे। इसके बावजूद उन्होंने इसे झुठलाया। यह उनके अत्याचार और अपराध का परिणाम था कि अल्लाह ने उनके दिलों में क़ुरआन के प्रति इनकार और विरोध को जड़ें जमा दीं। जब तक वे अपने किए पर पछतावा नहीं करते और अल्लाह की ओर नहीं लौटते, उनका यह हाल नहीं बदल सकता। आख़िरकार उन्हें उस भयानक अज़ाब का सामना करना ही पड़ेगा जिसकी उन्हें चेतावनी दी गई थी।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान दिल की बात है, केवल भाषा या चमत्कारों का मामला नहीं। जिसका दिल सच्चाई की तलाश में हो, उसके लिए अल्लाह हिदायत के दरवाज़े खोल देता है। और जो हठधर्मी और अहंकार में डूबा हो, उसके लिए कोई निशानी काफ़ी नहीं होती। हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को हिदायत के लिए खुला रखें, क़ुरआन की आयतों पर गहराई से विचार करें, और अल्लाह से सच्चे दिल से मार्गदर्शन की दुआ करें। क़ुरआन हर युग और हर भाषा के लोगों के लिए हिदायत है, और जो इसे अपनाएगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा।
📜 आयत 197-201 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 199
सूरा अश-शुआरा आयत 199 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह उन अरबो के सामने उसको पढ़ता तो भी…सूरा आयत 199/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 197–201. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


