अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَا يَنبَغِي لَهُمْ: उनके लिए उचित नहीं है, उनके शान के खिलाफ है।
- مَا يَسْتَطِيعُونَ: वे इसकी सामर्थ्य नहीं रखते, वे ऐसा करने पर क़ादिर नहीं हैं।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला उन मुशरिकीन के झूठे दावे का खंडन कर रहे हैं जो कहते थे कि यह क़ुरआन शैतानों द्वारा लाया गया है। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि यह क़ुरआन शैतानों के लिए न तो उचित है और न ही वे इसे ला सकते हैं।
शैतानों का काम तो बुराई, फ़साद और गुमराही फैलाना है, जबकि क़ुरआन हिदायत, रहमत और नूर का खज़ाना है। यह किताब इतनी पाक और बुलंद है कि शैतानों की गिरती हुई हस्ती इसके पास भी नहीं फटक सकती। अल्लाह ने शैतानों को आसमान की तरफ़ सुनने से रोक दिया है, उन पर शहाब (आग के गोले) फेंके जाते हैं, इसलिए वे फ़रिश्तों की बातचीत सुन ही नहीं सकते। जब वे आसमानी खबरें ही नहीं सुन सकते, तो फिर वे ऐसी किताब कैसे ला सकते हैं जो सबसे बड़ी आसमानी खबर है?
यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुरआन अल्लाह की ओर से उतरी हुई सबसे सच्ची और पाक किताब है। जिस तरह शैतान इसके पास नहीं आ सकते, उसी तरह यह किताब हर उस इंसान के लिए रहनुमा है जो सच्चाई की तलाश में है। अल्लाह ने इस किताब को अपनी हिफ़ाज़त में रखा है, और इसकी हर आयत सच्चाई का सबूत है।
हमें चाहिए कि इस किताब को पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुंचाता है और शैतान के वसवसों से बचाता है। अल्लाह तआला ने इस किताब को हमारी हिदायत के लिए उतारा है, और इसमें हर उस सवाल का जवाब है जो इंसान की ज़िंदगी से जुड़ा है। आओ, हम इस किताब को अपना साथी बनाएं और इसे अपने दिलों में बसाएं।
📜 आयत 209-213 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 211
सूरा अश-शुआरा आयत 211 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये काम न तो उनके लिए मुनासिब था और…सूरा आयत 211/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 209–213. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








