Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الْخَبْءَ – छिपा हुआ, गुप्त रखा गया।
- تُخْفُونَ – जो तुम छिपाते हो।
- تُعْلِنُونَ – जो तुम प्रकट करते हो।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि शैतान ने उन लोगों के कर्मों को उनके लिए सुंदर बना दिया था, ताकि वे अल्लाह के आगे सजदा न करें। शैतान का यही सबसे बड़ा मक़सद है — इंसान को अल्लाह की इबादत और उसके आगे झुकने से रोकना। अल्लाह वही है जो आसमानों और ज़मीन में छिपी हुई चीज़ों को निकालता है — आसमान से बारिश उतारता है और ज़मीन से पौधे उगाता है। यानी वही रिज़्क़ देने वाला, पैदा करने वाला और जीवन देने वाला है। वह उन सब चीज़ों को जानता है जो तुम छिपाते हो और जो तुम प्रकट करते हो — उसके ज्ञान से कुछ भी छिपा नहीं है, न छोटा और न बड़ा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ही सच्चा माबूद है, उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी के आगे सजदा करना चाहिए। शैतान इंसान को गुमराह करने की कोशिश करता है, लेकिन जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं और उसकी इबादत करते हैं, वे शैतान के धोखे में नहीं आते। अल्लाह की यह सिफ़त कि वह हर छिपी और खुली चीज़ को जानता है, हमें यह याद दिलाती है कि हमारे सारे अमल उसके सामने हैं — चाहे हम उन्हें छिपाएँ या प्रकट करें। इसलिए हमें हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए और अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखनी चाहिए। अल्लाह ही वह है जो बारिश भेजता है, ज़मीन को हरा-भरा करता है, और हर मख़लूक़ को रिज़्क़ देता है — क्या ऐसा अल्लाह सजदे का हक़दार नहीं? बेशक वही सजदे का हक़दार है, और उसके आगे झुकना ही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 23-27 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 25
सूरा अन-नमल आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उन्हें (इतनी सी बात भी नहीं सूझती) कि वह…सूरा आयत 25/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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