अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَعَشِيًّا: शाम का समय, जो अस्र (असर) की नमाज़ का समय है।
- حِينَ تُظْهِرُونَ: जब तुम दोपहर में प्रवेश करते हो, यानी ज़ुहर (ज़ोहर) की नमाज़ का समय।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुसलमानों को निर्देश देती है कि वे अल्लाह की तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) करें और उसे हर कमी, साथी, संतान और किसी भी प्रकार की कमज़ोरी से पाक और मुक्त घोषित करें। अल्लाह के लिए ही सारी प्रशंसा है—आसमानों में और ज़मीन में—क्योंकि आसमानों में फ़रिश्ते उसकी तस्बीह और हम्द करते हैं, और ज़मीन पर सभी प्राणी उसी की स्तुति करते हैं। यह तस्बीह और हम्द हर समय करनी चाहिए—शाम के समय (अस्र की नमाज़ में) और दोपहर के समय (ज़ुहर की नमाज़ में)। यानी, अल्लाह की याद और उसकी इबादत को दिन-रात के हर हिस्से में शामिल किया जाए, ताकि बंदा हर पल अपने रब से जुड़ा रहे और उसकी महानता का एहसास उसके दिल में जीवित रहे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की याद सिर्फ़ मस्जिद या नमाज़ तक सीमित नहीं है, बल्कि हर हालत में—चाहे हम सुबह उठें, दोपहर में काम करें, या शाम को आराम करें—हमें उसे याद करना चाहिए। यही वह रास्ता है जो दिल को सुकून देता है और जीवन को बरकत से भर देता है। जब हम अल्लाह की हम्द और तस्बीह करते हैं, तो हमारा दिल उसकी मुहब्बत से रोशन हो जाता है, और हमारी ज़िंदगी में एक ऐसी शक्ति आती है जो हमें हर मुश्किल का सामना करने की ताक़त देती है। याद रखिए, जो बंदा अल्लाह की तस्बीह करता है, अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देता है और उसके दिल को सच्ची खुशी और संतोष से भर देता है।
📜 आयत 16-20 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 18
सूरा अर-रूम आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सारे आसमान व ज़मीन में तीसरे पहर को और…सूरा आयत 18/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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