अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَفْصِلُ – फैसला करेगा, न्याय करेगा
- يَخْتَلِفُونَ – वे लोग मतभेद करते थे
तफसीर:
ऐ नबी! आपका रब ही क़ियामत के दिन उन सबके बीच फैसला करेगा, जो लोग दुनिया में अलग-अलग रास्तों पर चले और धर्म के मामलों में मतभेद रखते रहे। यह फैसला अल्लाह की पूर्ण न्यायपूर्णता के साथ होगा, जिसमें कोई कमी नहीं होगी।
बनी इसराईल के मोमिन और काफिर, और हर उस इंसान के बीच जिसने हक़ को क़बूल किया या उसे ठुकराया, अल्लाह तआला क़ियामत के दिन सच और झूठ को साफ़ करके दिखा देगा। जो लोग नबियों की लाई हुई शिक्षाओं पर चले, वे जन्नत में दाखिल होंगे, और जिन्होंने उनका विरोध किया और झूठ पर डटे रहे, वे जहन्नुम की आग में झोंके जाएँगे।
यह आयत हमें बताती है कि दुनिया में अक्सर हक़ और बातिल के बीच उलझन पैदा हो जाती है, कभी-कभी सच्चे लोगों को कमज़ोर समझा जाता है और झूठे लोग बड़े दिखते हैं। लेकिन यह सब अस्थायी है। असली फैसला अल्लाह के पास है, और वह उस दिन होगा जब हर इंसान को उसके अमल का पूरा-पूरा बदला मिलेगा।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी तसल्ली है कि जो लोग सच्चाई पर हैं, चाहे उन्हें दुनिया में कितनी भी मुश्किलें क्यों न उठानी पड़ें, अल्लाह उनका हक़ ज़रूर दिलाएगा। और जो लोग ज़ुल्म और झूठ पर हैं, उनकी सज़ा से कोई नहीं बचा सकता। इसलिए हमें चाहिए कि हम सच्चाई पर साबित-क़दम रहें, क्योंकि अल्लाह का फैसला कभी गलत नहीं होता और उसका न्याय हर चीज़ से बेहतर है।
📜 आयत 23-27 — अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 25
सूरा अस-सजदा आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) हसमें शक़ नहीं कि जिन बातों में लोग…सूरा आयत 25/30 — अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-सजदा सुनें, अस-सजदा अनुवाद, अस-सजदा mp3, अस-सजदा pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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