Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَلَامٌ: शांति, सलामती, और हर बुराई से सुरक्षा।
- مُوسَىٰ وَهَارُون: अल्लाह के दो महान पैगंबर, मूसा (अलैहिस्सलाम) और उनके भाई हारून (अलैहिस्सलाम)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की ओर से मूसा (अलैहिस्सलाम) और हारून (अलैहिस्सलाम) के लिए एक विशेष सम्मान और प्रशंसा है। अल्लाह ने उन्हें सलामती और शांति की दुआ दी है, और उनके ऊपर अपनी रहमत और कृपा की घोषणा की है। यह सलाम सिर्फ एक साधारण अभिवादन नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की ओर से उनके लिए एक विशेष सम्मान और उनके उच्च दर्जे की पुष्टि है।
ये दोनों पैगंबर अपने समय में अल्लाह के दीन की स्थापना के लिए डटे रहे, फिरौन के अत्याचारों का सामना किया, और अपनी उम्मत को सच्चाई और ईमान की राह पर चलाया। अल्लाह ने उन्हें इस कठिन मिशन में सफलता दी और उन्हें अपने नेक बंदों में शामिल किया। यह सलाम उनके धैर्य, सच्चाई, और अल्लाह के प्रति समर्पण का इनाम है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नेक और मुख़लिस बंदों को कभी नहीं भूलता। जो लोग अल्लाह की राह में मेहनत करते हैं, उन्हें दुनिया और आखिरत दोनों में सम्मान और सलामती मिलती है। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम भी अपने जीवन में सच्चाई, ईमान, और अच्छे कर्मों को अपनाएं, ताकि हम भी अल्लाह की रहमत और सलामती के हकदार बन सकें।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने पैगंबरों की कितनी इज़्ज़त करता है और उन्हें कितना प्यार करता है। यह हमारे लिए एक सबक है कि अगर हम अल्लाह की राह में चलें, उसकी इबादत करें, और उसके बताए हुए रास्ते पर अमल करें, तो हमें भी अल्लाह की मुहब्बत और सलामती हासिल होगी। यह सलाम सिर्फ मूसा और हारून के लिए नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए एक खुशखबरी है जो अल्लाह की राह में सब्र और इस्तिक़ामत (स्थिरता) दिखाते हैं। आइए, हम भी अपने जीवन को अल्लाह की राह पर चलाने की कोशिश करें और उसकी रहमत और सलामती के हकदार बनें।
📜 आयत 118-122 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 120
सूरा अस-साफ्फात आयत 120 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि (हर जगह) मूसा और हारून पर सलाम (ही सलाम)…सूरा आयत 120/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 118–122. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


