अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَآمَنُوا: उन्होंने ईमान लाया, विश्वास किया।
- فَمَتَّعْنَاهُمْ: तो हमने उन्हें आनंद/सुख-सुविधाएँ दीं, उन्हें जीवन का आनंद उठाने दिया।
- إِلَىٰ حِينٍ: एक निश्चित समय तक, उनकी मृत्यु के समय तक।
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत हज़रत यूनुस (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के बारे में है। जब उन पर अज़ाब (यातना) का वादा साकार होने लगा और उन्होंने उसे अपनी आँखों से देख लिया, तो उन्होंने अपने दिलों को ईमान के लिए खोल दिया। उन्होंने अपने नबी की दावत को सच मान लिया और अपने किए पर पश्चाताप किया। यह ईमान उनके लिए निजात (मुक्ति) का ज़रिया बना।
अल्लाह तआला ने उनके इस ईमान को क़बूल फ़रमाया और उन पर से अज़ाब का वादा टाल दिया। फिर उन्हें उनकी नियत अवधि तक — यानी उनकी मृत्यु के समय तक — जीवन का आनंद दिया। उन्हें दुनिया में सुख-चैन से रहने दिया, उनकी रोज़ी में बरकत दी और उन्हें एक निश्चित समय तक जीवित रखा। यह अल्लाह की रहमत और करम का प्रदर्शन है कि जब बंदा सच्चे दिल से तौबा करके ईमान लाता है, तो अल्लाह उसकी मुसीबतें टाल देता है और उसे दुनिया में भी अच्छी ज़िंदगी देता है।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से पहले है। जब तक इंसान ज़िंदा है, उसके पास तौबा और ईमान का दरवाज़ा खुला है। अल्लाह तआला अपने बंदों के ईमान और नेक आमाल को कभी ज़ाया नहीं करता। यही ईमान और तौबा इंसान को दुनिया में भी सुकून देता है और आख़िरत में भी कामयाबी दिलाता है।
आओ, हम भी इस सीख को अपने जीवन में अपनाएँ — जब तक दम में दम है, अल्लाह की ओर लौटें, अपने गुनाहों से तौबा करें और सच्चे दिल से ईमान लाएँ। अल्लाह हमें भी उसी तरह अपनी रहमत से नवाज़ेगा और हमारी ज़िंदगी में बरकत देगा।
📜 आयत 146-150 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 148
सूरा अस-साफ्फात आयत 148 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो वह लोग (उन पर) ईमान लाए फिर हमने (भी)…सूरा आयत 148/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 146–150. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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