अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَاسْتَفْتِهِمْ: उनसे पूछो, उन्हें सवाल का सामना करो।
- أَلِرَبِّكَ الْبَنَاتُ: क्या तुम्हारे रब के लिए बेटियाँ हैं?
- وَلَهُمُ الْبَنُونَ: और उनके (मुशरिकों के) लिए बेटे हैं?
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! इन मुशरिकों से पूछो — यह कैसा हास्यास्पद और अन्यायपूर्ण विभाजन है? वे कहते हैं कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं, जबकि वे खुद बेटियों को तुच्छ समझते हैं और उनके जन्म पर शर्मिंदा होते हैं। वे अपने लिए बेटों को पसंद करते हैं, लेकिन अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं — जबकि अल्लाह हर कमी और दोष से पाक है, और वह किसी औलाद का मोहताज नहीं।
यह सवाल उन्हें उनकी बुद्धि और फ़ितरत के सामने लाता है — क्या यह उचित है कि जिस रब ने उन्हें पैदा किया, उन्हें रिज़्क़ दिया, और उन्हें इंसानियत का शरफ़ अता किया, उसके लिए वे सबसे कमतर चीज़ ठहराएँ, और अपने लिए सबसे प्यारी और अच्छी चीज़ चुनें? यह कैसा न्याय है?
यह आयत उनके इस झूठे अक़ीदे की जड़ काटती है और उन्हें सोचने पर मजबूर करती है। अगर वे अपनी बेटियों को इज़्ज़त नहीं देते, तो अल्लाह के लिए बेटियाँ कैसे मान लीं? क्या अल्लाह उनसे कमतर है? हरगिज़ नहीं! अल्लाह तआला हर ऐब से पाक है, और यह उनकी जहालत और हठधर्मिता की सबसे बड़ी गवाही है।
दावत और नसीहत:
ऐ इंसान! ज़रा अपने दिल से पूछो — जो रब तुम्हें पालता है, तुम्हें खिलाता है, और तुम्हारी हर ज़रूरत पूरी करता है, क्या उसके लिए तुम ऐसी बातें गढ़ते हो जो तुम खुद अपने लिए पसंद नहीं करते? यह तो अल्लाह की बरगाह में सबसे बड़ी बेअदबी है।
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि अल्लाह के बारे में हमें सिर्फ़ वही कहना चाहिए जो उसने खुद बताया है, और उसकी पाक ज़ात को हर उस चीज़ से पाक मानना चाहिए जो उसके लिए लायक़ नहीं। अल्लाह की इज़्ज़त और बुज़ुर्गी को समझो, और उसके दीन को क़ुबूल करो — क्योंकि सच्चाई यही है कि अल्लाह ही इबादत के लायक़ है, और उसका कोई शरीक नहीं।
जो लोग इस हक़ीक़त को समझ जाएँ, उनके लिए दुनिया और आख़िरत की भलाई है। अल्लाह तआला हमें सीधी राह पर चलाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसकी पाक ज़ात को उसी तरह पहचानते हैं जैसा उसने खुद बयान किया है। आमीन।
📜 आयत 147-151 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 149
सूरा अस-साफ्फात आयत 149 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) उन कुफ्फ़ार से पूछो कि क्या तुम्हारे…सूरा आयत 149/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 147–151. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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