Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا لَكُمْ: तुम्हें क्या हो गया? यानी तुम्हारा क्या हाल है?
- كَيْفَ تَحْكُمُونَ: तुम कैसा फैसला करते हो? यानी तुम किस तरह का निर्णय लेते हो?
तफसीर (व्याख्या):
ऐ मुशरिकों! तुम्हें क्या हो गया है? तुम कैसा फैसला करते हो? तुम कैसा निर्णय लेते हो कि अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हो और अपने लिए बेटों को चुनते हो? यह कैसा बुरा फैसला है! तुम खुद बेटियों को अपने लिए पसंद नहीं करते, बल्कि उन्हें बुरा समझते हो, और जब उनमें से किसी को बेटी होने की खबर दी जाती है तो उसका चेहरा काला पड़ जाता है और वह गम से भर जाता है। फिर तुम अल्लाह के लिए उसी चीज़ को कैसे ठहरा सकते हो जिसे तुम अपने लिए पसंद नहीं करते?
यह तुम्हारा हुक्म (फैसला) कितना बुरा है! यह तुम्हारा अंदाज़ा कितना गलत है! क्या तुम्हें अक्ल नहीं है? क्या तुमने कभी सोचा है कि जो अल्लाह तुम्हारा रब है, जिसने आसमान और ज़मीन पैदा की, जिसने तुम्हें पैदा किया और तुम्हें रिज़्क़ दिया, उसके बारे में ऐसी बात कहना कितनी बड़ी जुर्रत है?
अल्लाह तआला इन आयात में अपने नबी को तसल्ली देते हुए फरमाते हैं कि इन मुशरिकों से पूछो: तुम्हारे पास क्या दलील है? क्या तुम्हारे पास कोई किताब है जिसमें तुम पढ़ते हो कि अल्लाह की औलाद है? या तुम्हारे पास कोई इल्म है जो तुम्हें यह बात सिखाता है? हरगिज़ नहीं! यह सब तुम अपनी तरफ से गढ़ते हो, बिना किसी दलील के, सिर्फ अपनी जहालत और हठधर्मी की वजह से।
दावत और नसीहत:
ऐ अक्लमंद इंसान! ज़रा सोचो — क्या यह मुमकिन है कि जो अल्लाह सबसे बड़ा, सबसे क़ादिर, सबसे हकीम है, उसकी औलाद हो? वह तो हर चीज़ से बेनियाज़ है, उसे किसी की ज़रूरत नहीं। वह तो पैदा करने वाला है, पैदा होने वाला नहीं। उसकी शान इन सब बातों से पाक है। यही तो तौहीद का पैगाम है जो हर नबी लेकर आया — कि अल्लाह एक है, उसका कोई शरीक नहीं, न उसकी औलाद है और न वह किसी की औलाद है।
तो ऐ इंसान! अपने रब के बारे में अच्छी राय रखो, उसकी शान के लायक बात करो, और उसकी तौहीद को क़ुबूल करो। यही तुम्हारी कामयाबी की राह है। अल्लाह तआला अपने बंदों से बहुत मेहरबान है, वह चाहता है कि तुम सीधी राह पर चलो और उसकी रहमत के हक़दार बनो।
📜 आयत 152-156 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 154
सूरा अस-साफ्फात आयत 154 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (अरे कम्बख्तों) तुम्हें क्या जुनून हो गया है तुम लोग…सूरा आयत 154/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 152–156. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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