अस-साफ्फात · 69/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
إِنَّهُمْ أَلْفَوْا آبَاءَهُمْ ضَالِّينَ ۝٦٩
Innahum alfaw aabaaa`ahum daaalleen
📖 हिंदी अर्थ
उन लोगों ने अपन बाप दादा को गुमराह पाया था

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَلْفَوْا: पाया, प्राप्त किया
  • آبَاءَهُمْ: अपने बाप-दादाओं को
  • ضَالِّينَ: गुमराह, पथभ्रष्ट

विस्तृत तफ़सीर:

यह आयत उन काफ़िरों के हाल का वर्णन कर रही है जिन्होंने अपने बाप-दादाओं को गुमराही और शिर्क की राह पर पाया, और बिना किसी दलील और सबूत के, सिर्फ अंधी पैरवी करते हुए उन्हीं के नक्शे-क़दम पर चल पड़े। उन्होंने अपने पूर्वजों को जिस हाल में पाया, उसे ही सच मान लिया और उनकी तक़लीद (नकल) को अपना धर्म बना लिया — न तो उन्होंने खुद अक़्ल से काम लिया, न सच्चाई की तलाश की, और न ही कभी यह सवाल किया कि जो रास्ता हमारे बुज़ुर्गों का है, क्या वह सच में सही है?

यह आयत उन लोगों के बहाने को बे-असर साबित कर रही है जो क़यामत के दिन कहेंगे: "हमने तो अपने बाप-दादाओं को इसी तरह करते देखा था, हम तो उन्हीं की पैरवी कर रहे थे।" अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह कोई जायज़ उज़्र (बहाना) नहीं है, क्योंकि गुमराही पर चलने वालों की पैरवी करना किसी को जहन्नम से नहीं बचा सकता। हर इंसान खुद अपने आमाल का ज़िम्मेदार है और उसे हक़ की तलाश करनी चाहिए, चाहे उसके बाप-दादा किसी भी राह पर हों।

इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी सीख है — हमें अंधी नकल से बचना चाहिए। इस्लाम हमें सिखाता है कि हर इंसान को अक़्ल और समझ दी गई है ताकि वह हक़ और बातिल में फ़र्क कर सके। अगर हमारे बुज़ुर्ग किसी गलत रास्ते पर हों, तो उनकी मुहब्बत हमें गलत पर चलने का हक़ नहीं देती। अल्लाह ने क़ुरआन में जगह-जगह इस बात का ज़िक्र किया है कि अक्लमंद वही हैं जो सुनें और सबसे अच्छी बात की पैरवी करें।

याद रखिए! क़यामत के दिन हमसे हमारे बाप-दादाओं के आमाल का सवाल नहीं होगा, बल्कि हमारे अपने आमाल का होगा। इसलिए हक़ को पहचानिए, उस पर चलिए, और अगर आपके माँ-बाप या बुज़ुर्ग किसी गलतफ़हमी में हों, तो प्यार और हिकमत से उन्हें सही रास्ते की तरफ बुलाइए। यही सच्ची नेकी है, और यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत तक पहुँचाएगा।



📜 आयत 67-71 — अस-साफ्फात

67ثُمَّ إِنَّ لَهُمْ عَلَيْهَا لَشَوْبًا مِّنْ حَمِيمٍ
फिर उसके ऊपर से उन को खूब खौलता हुआ पानी (पीप वग़ैरह में) मिला मिलाकर पीने को दिया जाएगा
68ثُمَّ إِنَّ مَرْجِعَهُمْ لَإِلَى الْجَحِيمِ
फिर (खा पीकर) उनको जहन्नुम की तरफ यक़ीनन लौट जाना होगा
69إِنَّهُمْ أَلْفَوْا آبَاءَهُمْ ضَالِّينَ
उन लोगों ने अपन बाप दादा को गुमराह पाया था
70فَهُمْ عَلَىٰ آثَارِهِمْ يُهْرَعُونَ
ये लोग भी उनके पीछे दौड़े चले जा रहे हैं
71وَلَقَدْ ضَلَّ قَبْلَهُمْ أَكْثَرُ الْأَوَّلِينَ
और उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुके
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अनुवाद — अस-साफ्फात 69

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Tuesday, August 18, 2026

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