अस-साफ्फात · 68/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
ثُمَّ إِنَّ مَرْجِعَهُمْ لَإِلَى الْجَحِيمِ ۝٦٨
Summa inna marji`ahum la ilal Jaheem
📖 हिंदी अर्थ
फिर (खा पीकर) उनको जहन्नुम की तरफ यक़ीनन लौट जाना होगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَرْجِعَهُمْ (उनका लौटना): यानी उनका पलटना और वापस जाना।
  • الْجَحِيمِ (जहन्नम): वह भयंकर आग जो अल्लाह ने काफिरों के लिए तैयार की है, जिसकी आग और यातना बेहद सख्त है।

तफसीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला उन ज़ालिमों और मुशरिकों के अंजाम को बयान कर रहा है जिन्होंने आख़िरत को झुठलाया और अल्लाह के रसूलों की नाफ़रमानी की। पिछली आयतों में ज़िक्र आया कि वे ज़क्कूम (एक कड़वा और भयंकर पेड़ जो जहन्नम की तह में उगता है) खाएँगे और उससे अपने पेट भरेंगे, फिर उसके बाद उन्हें खौलता हुआ पानी (हमीम) पिलाया जाएगा। अब इस आयत में बताया जा रहा है कि इन सब यातनाओं के बाद उनका अंतिम ठिकाना और लौटने की जगह जहन्नम की आग ही है। यानी वे एक अज़ाब से दूसरे अज़ाब की तरफ ले जाए जाएँगे—कभी ज़क्कूम खिलाया जाएगा, कभी खौलता पानी पिलाया जाएगा, और फिर उन्हें जहन्नम की भड़कती हुई आग में झोंक दिया जाएगा, जहाँ से वे कभी निकल नहीं पाएँगे। यह उनका स्थायी ठिकाना है, और यही उनके कुफ्र और ज़ुल्म का पूरा बदला है।

दावती पहलू और सबक:

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और बताती है कि गुनाह और कुफ्र का अंजाम कितना भयानक है। लेकिन साथ ही यह रहमत का पैगाम भी देती है—कि अल्लाह ने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने किए पर पछताएँ, तौबा करें और अपने रब की तरफ लौटें। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके रसूल की पैरवी करते हैं, उनके लिए जन्नत की नेअमतें हैं, जहाँ कोई दर्द, कोई प्यास और कोई अज़ाब नहीं। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है—उसने हमें किताब और रसूल दिया ताकि हम जहन्नम के रास्ते से बचें और जन्नत की तरफ चलें। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को सुधारें, अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उस अज़ाब से पनाह माँगें जिसका ज़िक्र इस आयत में किया गया है। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए और जहन्नम की आग से बचाए। आमीन।



📜 आयत 66-70 — अस-साफ्फात

66فَإِنَّهُمْ لَآكِلُونَ مِنْهَا فَمَالِئُونَ مِنْهَا الْبُطُونَ
फिर ये (जहन्नुमी लोग) यक़ीनन उसमें से खाएँगे फिर उसी से अपने पेट भरेंगे
67ثُمَّ إِنَّ لَهُمْ عَلَيْهَا لَشَوْبًا مِّنْ حَمِيمٍ
फिर उसके ऊपर से उन को खूब खौलता हुआ पानी (पीप वग़ैरह में) मिला मिलाकर पीने को दिया जाएगा
68ثُمَّ إِنَّ مَرْجِعَهُمْ لَإِلَى الْجَحِيمِ
फिर (खा पीकर) उनको जहन्नुम की तरफ यक़ीनन लौट जाना होगा
69إِنَّهُمْ أَلْفَوْا آبَاءَهُمْ ضَالِّينَ
उन लोगों ने अपन बाप दादा को गुमराह पाया था
70فَهُمْ عَلَىٰ آثَارِهِمْ يُهْرَعُونَ
ये लोग भी उनके पीछे दौड़े चले जा रहे हैं
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अनुवाद — अस-साफ्फात 68

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Tuesday, August 18, 2026

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