अस-साफ्फात · 8/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى الْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍ ۝٨
Laa yassamma `oona ilal mala il a`alaa wa yuqzafoona min kulli jaanib
📖 हिंदी अर्थ
कि अब शैतान आलमे बाला की तरफ़ कान भी नहीं लगा सकते और (जहाँ सुन गुन लेना चाहा तो) हर तरफ़ से खदेड़ने के लिए शहाब फेके जाते हैं

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا يَسَّمَّعُونَ – वे सुनने की कोशिश नहीं कर सकते / वे कान नहीं लगा सकते।
  • الْمَلَإِ الْأَعْلَى – ऊँची सभा, अर्थात आकाशों में उपस्थित फ़रिश्ते।
  • يُقْذَفُونَ – उन्हें फेंका जाता है / मारा जाता है।
  • مِن كُلِّ جَانِبٍ – हर तरफ़ से।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत हमें उस महान व्यवस्था से परिचित कराती है जो अल्लाह ने आकाशों में स्थापित की है। शैतान (जिन्नात में से विद्रोही) आकाश की ऊँची सभा तक पहुँचने और वहाँ के फ़रिश्तों की बातें सुनने की कोशिश करते हैं, लेकिन अल्लाह की कुदरत और हिफ़ाज़त उन्हें इससे रोक देती है। वे न तो उस पवित्र सभा तक पहुँच सकते हैं और न ही वहाँ की कोई बात सुन सकते हैं। जैसे ही वे झाँकने या सुनने की कोशिश करते हैं, हर तरफ़ से उन पर आग के उल्कापिंड (शहाब) फेंके जाते हैं, जो उन्हें दूर भगा देते हैं।

यह अल्लाह की उस रहमत और हिकमत का प्रमाण है कि उसने अपने फ़रिश्तों की महफ़िल को हर प्रकार की बुराई और शैतानी हस्तक्षेप से पाक रखा है। यह उस पवित्रता की निशानी है जो अल्लाह के दीन और उसके संदेश (वही) के साथ भी है — कि शैतान उसमें कोई मिलावट नहीं कर सकते। यही कारण है कि क़ुरआन और वही महफ़ूज़ (सुरक्षित) है, और अल्लाह का मार्गदर्शन हमेशा स्पष्ट और शुद्ध रहता है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की हिफ़ाज़त उसके बंदों के लिए भी है — जो उसकी रस्सी को थामे रहते हैं। जिस तरह उसने आकाश को शैतानों से महफ़ूज़ रखा, उसी तरह वह अपने ईमानवाले बंदों को भी शैतानी वसवसों (बुरे ख़यालात) से बचाता है, बशर्ते वे सच्चे दिल से उसकी पनाह चाहें। यह हमारे लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हम अकेले नहीं हैं — अल्लाह की निगरानी और हिमायत हमारे साथ है। जो लोग उसकी तरफ़ रुजू करते हैं, उन्हें वह हर बुराई से बचाता है और उनके दिलों को सुकून और नूर से भर देता है।

याद रखिए, यह दुनिया इम्तिहान की जगह है, लेकिन अल्लाह ने अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ा। उसने क़ुरआन को महफ़ूज़ रखा, रसूलों को भेजा, और हर ज़माने में हिदायत का रास्ता स्पष्ट किया। हमें चाहिए कि हम उसकी तरफ़ पूरी तरह मुतवज्जह हों, उसकी इबादत करें और उसकी रहमत के तलबगार रहें — क्योंकि वही सबसे बड़ा हिमायती और मददगार है।



📜 आयत 6-10 — अस-साफ्फात

6إِنَّا زَيَّنَّا السَّمَاءَ الدُّنْيَا بِزِينَةٍ الْكَوَاكِبِ
और (चाँद सूरज तारे के) तुलूउ व (गुरूब) के मक़ामात का भी मालिक है हम ही ने नीचे वाले आसमान को तारों की आरइश (जगमगाहट) से आरास्ता किया
7وَحِفْظًا مِّن كُلِّ شَيْطَانٍ مَّارِدٍ
और (तारों को) हर सरकश शैतान से हिफ़ाज़त के वास्ते (भी पैदा किया)
8لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى الْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍ
कि अब शैतान आलमे बाला की तरफ़ कान भी नहीं लगा सकते और (जहाँ सुन गुन लेना चाहा तो) हर तरफ़ से खदेड़ने के लिए शहाब फेके जाते हैं
9دُحُورًا ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ وَاصِبٌ
और उनके लिए पाएदार अज़ाब है
10إِلَّا مَنْ خَطِفَ الْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُ شِهَابٌ ثَاقِبٌ
मगर जो (शैतान शाज़ व नादिर फरिश्तों की) कोई बात उचक ले भागता है तो आग का दहकता हुआ तीर उसका पीछा करता है
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीRevelation
8आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 8

सूरा अस-साफ्फात आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि अब शैतान आलमे बाला की तरफ़ कान भी नहीं…

सूरा आयत 8/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए