Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مُقَرَّنِينَ: जिन्हें ज़ंजीरों में एक-दूसरे से बाँध दिया गया हो।
- الْأَصْفَادِ: भारी बेड़ियाँ और ज़ंजीरें, जिनमें हाथ और पैर कस दिए जाते हैं।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपने नबी सुलेमान अलैहिस्सलाम को जो अज़ीमुश्शान इनाम और बादशाहत अता की थी, उसका एक हिस्सा यह भी था कि उन्होंने जिन्नात और शैतानों को उनके क़ाबू में कर दिया था। उनमें से कुछ इमारतें बनाने वाले और समुद्र में गोते लगाने वाले थे, जो उनके हुक्म से काम करते थे। और कुछ सरकश और सरकश शैतान थे, जिन्हें उन्होंने बेड़ियों और ज़ंजीरों में जकड़ कर रखा था। उनके हाथ गर्दनों से बँधे हुए थे और वे किसी भी तरह हिलने-डुलने या भागने की ताक़त नहीं रखते थे। यह अल्लाह की तरफ से सुलेमान अलैहिस्सलाम के लिए ख़ास इनाम था, जो उनकी नेकी और इबादत का नतीजा था।
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि जब कोई बंदा अल्लाह की इबादत में मशगूल होता है और उसके हुक्मों का पालन करता है, तो अल्लाह उसे ऐसी क़ुदरत और इख़्तियार अता करता है जो आम इंसानों के बस में नहीं होती। सुलेमान अलैहिस्सलाम ने अपनी बादशाहत और ताक़त का इस्तेमाल अल्लाह की राह में किया, अल्लाह ने उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा और अनोखा राज दिया। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अपनी ताक़त और मर्तबे को अल्लाह की इताअत में लगाएँ, तो अल्लाह हमें और बरकत देता है। साथ ही यह भी याद रखें कि अल्लाह की दी हुई नेमतों का सही इस्तेमाल ही असली कामयाबी है।
📜 आयत 36-40 — सूरा साद
अनुवाद — साद 38
सूरा साद आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सबको (ताबेए कर दिया और इसके अलावा) दूसरे देवों को…सूरा आयत 38/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


