साद · 38/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
وَآخَرِينَ مُقَرَّنِينَ فِي الْأَصْفَادِ ۝٣٨
Wa aakhareena muqarraneena fil asfaad
📖 हिंदी अर्थ
सबको (ताबेए कर दिया और इसके अलावा) दूसरे देवों को भी जो ज़ंज़ीरों में जकड़े हुए थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • مُقَرَّنِينَ: जिन्हें ज़ंजीरों में एक-दूसरे से बाँध दिया गया हो।
  • الْأَصْفَادِ: भारी बेड़ियाँ और ज़ंजीरें, जिनमें हाथ और पैर कस दिए जाते हैं।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने अपने नबी सुलेमान अलैहिस्सलाम को जो अज़ीमुश्शान इनाम और बादशाहत अता की थी, उसका एक हिस्सा यह भी था कि उन्होंने जिन्नात और शैतानों को उनके क़ाबू में कर दिया था। उनमें से कुछ इमारतें बनाने वाले और समुद्र में गोते लगाने वाले थे, जो उनके हुक्म से काम करते थे। और कुछ सरकश और सरकश शैतान थे, जिन्हें उन्होंने बेड़ियों और ज़ंजीरों में जकड़ कर रखा था। उनके हाथ गर्दनों से बँधे हुए थे और वे किसी भी तरह हिलने-डुलने या भागने की ताक़त नहीं रखते थे। यह अल्लाह की तरफ से सुलेमान अलैहिस्सलाम के लिए ख़ास इनाम था, जो उनकी नेकी और इबादत का नतीजा था।

यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि जब कोई बंदा अल्लाह की इबादत में मशगूल होता है और उसके हुक्मों का पालन करता है, तो अल्लाह उसे ऐसी क़ुदरत और इख़्तियार अता करता है जो आम इंसानों के बस में नहीं होती। सुलेमान अलैहिस्सलाम ने अपनी बादशाहत और ताक़त का इस्तेमाल अल्लाह की राह में किया, अल्लाह ने उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा और अनोखा राज दिया। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अपनी ताक़त और मर्तबे को अल्लाह की इताअत में लगाएँ, तो अल्लाह हमें और बरकत देता है। साथ ही यह भी याद रखें कि अल्लाह की दी हुई नेमतों का सही इस्तेमाल ही असली कामयाबी है।



📜 आयत 36-40 — सूरा साद

36فَسَخَّرْنَا لَهُ الرِّيحَ تَجْرِي بِأَمْرِهِ رُخَاءً حَيْثُ أَصَابَ
तो हमने हवा को उनका ताबेए कर दिया कि जहाँ वह पहुँचना चाहते थे उनके हुक्म के मुताबिक़ धीमी चाल चलती थी
37وَالشَّيَاطِينَ كُلَّ بَنَّاءٍ وَغَوَّاصٍ
और (इसी तरह) जितने शयातीन (देव) इमारत बनाने वाले और ग़ोता लगाने वाले थे
38وَآخَرِينَ مُقَرَّنِينَ فِي الْأَصْفَادِ
सबको (ताबेए कर दिया और इसके अलावा) दूसरे देवों को भी जो ज़ंज़ीरों में जकड़े हुए थे
39هَٰذَا عَطَاؤُنَا فَامْنُنْ أَوْ أَمْسِكْ بِغَيْرِ حِسَابٍ
ऐ सुलेमान ये हमारी बेहिसाब अता है पस (उसे लोगों को देकर) एहसान करो या (सब) अपने ही पास रखो
40وَإِنَّ لَهُ عِندَنَا لَزُلْفَىٰ وَحُسْنَ مَآبٍ
और इसमें शक नहीं कि सुलेमान की हमारी बारगाह में कुर्ब व मज़ेलत और उमदा जगह है
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
38आयत

अनुवाद — साद 38

सूरा साद आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सबको (ताबेए कर दिया और इसके अलावा) दूसरे देवों को…

सूरा आयत 38/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए