Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَالْحَقُّ: तो सत्य (यहाँ अर्थ है: सत्य मेरी ओर से है, या सत्य मेरा ही है)
- وَالْحَقَّ أَقُولُ: और मैं सत्य ही कहता हूँ
तफसीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी और उनके माध्यम से पूरी मानवता को एक महान सत्य से अवगत करा रहे हैं। जब शैतान (इब्लीस) ने अल्लाह के आदेश का उल्लंघन करते हुए घमंड और अहंकार दिखाया, और अल्लाह ने उसे फटकारा, तो शैतान ने धमकी दी कि वह आदम (अलैहिस्सलाम) की संतान को गुमराह करेगा। इस पर अल्लाह तआला ने फरमाया: "सत्य मेरी ओर से है, और मैं सत्य ही कहता हूँ।"
यह अल्लाह का वह अटल और अपरिवर्तनीय फैसला है जो उसने शैतान के विरुद्ध सुनाया। अल्लाह तआला ने स्पष्ट कर दिया कि उसका कथन, उसका वादा और उसकी धमकी — सब कुछ सत्य पर आधारित है। वह कभी झूठ नहीं बोलता, न अपने वादे से मुकरता है। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का हर फैसला, हर वादा और हर चेतावनी अत्यंत सत्य और न्यायपूर्ण है।
इस आयत का गहरा संदेश यह है कि अल्लाह तआला ने शैतान और उसके अनुयायियों के लिए जहन्नम भरने का फैसला सुनाया — जिसमें शैतान, उसकी संतान, और आदम की संतान में से जो भी उसका अनुसरण करेगा, सभी शामिल होंगे। यह अल्लाह का वह सत्य वादा है जो क़यामत के दिन अवश्य पूरा होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हम मुसलमानों के लिए एक बेहद प्यारा और मज़बूत संदेश लेकर आती है। अल्लाह तआला ने सत्य को अपनी ज़ात से जोड़ दिया — "सत्य मेरी ओर से है।" यानी जो भी सत्य है, वह अल्लाह से है, और जो अल्लाह से है, वही सत्य है। यह हमें सिखाता है कि हमें हमेशा सत्य का साथ देना चाहिए, चाहे हालात कैसे भी हों। जिस तरह अल्लाह ने सत्य बोला और उस पर अटल रहा, उसी तरह हमें भी अपनी ज़िंदगी में सच्चाई को अपनाना चाहिए।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता। उसने शैतान को जो सज़ा सुनाई, वह अवश्य पूरी होगी। और जो लोग अल्लाह की राह पर चलेंगे, उनके लिए भी अल्लाह का वादा है — जन्नत और सफलता। तो आइए, हम सत्य को अपनाएँ, अल्लाह के वादों पर भरोसा रखें, और शैतान के बहकावे से बचें, ताकि हम उन लोगों में शामिल हों जिनके लिए अल्लाह ने सत्य और सुंदर अंजाम का वादा किया है।
📜 आयत 82-86 — सूरा साद
अनुवाद — साद 84
सूरा साद आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मैं तो हक़ ही कहा करता हूँसूरा आयत 84/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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