Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَأَمْلَأَنَّ: मैं अवश्य भर दूँगा।
- جَهَنَّمَ: नरक (जहन्नम)।
- مِنكَ: तुझसे (हे इब्लीस)।
- مِمَّن تَبِعَكَ: उन लोगों से जो तेरी پیروی करें।
- مِنْهُمْ: उनमें से (आदम की संतान में से)।
- أَجْمَعِينَ: सब मिलकर, एक साथ।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में शैतान (इब्लीस) को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उसका अंतिम फैसला सुनाते हुए फ़रमाया: "मेरी ओर से सत्य का वचन है, और मैं केवल सत्य ही कहता हूँ—मैं नरक (जहन्नम) को तुझसे और उन सभी लोगों से भर दूँगा जो आदम की संतान में से तेरी پیروی करेंगे, चाहे वे कोई भी हों।"
यह अल्लाह का वह अटल फैसला है जो उसने अपनी हिकमत (बुद्धि) और अदालत (न्याय) के अनुसार सुना दिया। शैतान ने जब आदम (अलैहिस्सलाम) को सजदा करने से इनकार किया और घमंड किया, तो अल्लाह ने उसे अपनी रहमत से दूर कर दिया। शैतान ने अल्लाह से मोहलत (समय) माँगी और क़सम खाई कि वह आदम की संतान को गुमराह करेगा। अल्लाह ने उसे क़यामत तक की मोहलत दी, लेकिन साथ ही यह भी घोषित कर दिया कि इस गुमराही का अंजाम यह होगा कि जहन्नम शैतान और उसके پیرو कारों से भर जाएगी।
यह आयत हमें कई अहम सबक़ सिखाती है:
- अल्लाह का वादा सच्चा है: अल्लाह ने जो भी वादा किया है—चाहे वह अच्छे लोगों के लिए जन्नत का हो या बुरे लोगों के लिए जहन्नम का—वह अवश्य पूरा होगा। अल्लाह कभी अपने वादे के खिलाफ नहीं जाता।
- शैतान का अंजाम: शैतान चाहे कितना भी ताकतवर और धोखेबाज़ क्यों न हो, उसका अंतिम ठिकाना जहन्नम है। वह अपने پیرو कारों के साथ वहाँ जाएगा। यह हमारे लिए चेतावनी है कि हम शैतान के बहकावे में न आएँ।
- अच्छे बंदों के लिए खुशखबरी: जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं, उनके लिए जन्नत है। अल्लाह ने शैतान को यह मोहलत इसलिए दी ताकि अच्छे और बुरे लोगों की परीक्षा हो सके। जो लोग शैतान से बचकर अल्लाह की राह पर चलते हैं, उनका इनाम बहुत बड़ा है।
- हिदायत की अहमियत: यह आयत हमें बताती है कि हमें अपने जीवन में हर कदम पर अल्लाह की इबादत और उसकी राह पर चलने की कोशिश करनी चाहिए। शैतान हमेशा हमें गुमराह करने की कोशिश में लगा रहता है, लेकिन अल्लाह की पनाह माँगने वालों को वह कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें याद दिलाती है कि हमें शैतान के धोखों से बचना है और अल्लाह की राह पर चलना है। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलते हैं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। अल्लाह हम सबको शैतान के شر से बचाए और हमें जन्नत का मुस्तहिक बनाए। आमीन।
📜 आयत 83-87 — सूरा साद
अनुवाद — साद 85
सूरा साद आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि मैं तुझसे और जो लोग तेरी ताबेदारी करेंगे उन…सूरा आयत 85/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


