साद · 85/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
لَأَمْلَأَنَّ جَهَنَّمَ مِنكَ وَمِمَّن تَبِعَكَ مِنْهُمْ أَجْمَعِينَ ۝٨٥
La amla`annna Jahannama minka wa mimman tabi`aka minhum ajma`een
📖 हिंदी अर्थ
कि मैं तुझसे और जो लोग तेरी ताबेदारी करेंगे उन सब से जहन्नुम को ज़रूर भरूँगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَأَمْلَأَنَّ: मैं अवश्य भर दूँगा।
  • جَهَنَّمَ: नरक (जहन्नम)।
  • مِنكَ: तुझसे (हे इब्लीस)।
  • مِمَّن تَبِعَكَ: उन लोगों से जो तेरी پیروی करें।
  • مِنْهُمْ: उनमें से (आदम की संतान में से)।
  • أَجْمَعِينَ: सब मिलकर, एक साथ।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में शैतान (इब्लीस) को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उसका अंतिम फैसला सुनाते हुए फ़रमाया: "मेरी ओर से सत्य का वचन है, और मैं केवल सत्य ही कहता हूँ—मैं नरक (जहन्नम) को तुझसे और उन सभी लोगों से भर दूँगा जो आदम की संतान में से तेरी پیروی करेंगे, चाहे वे कोई भी हों।"

यह अल्लाह का वह अटल फैसला है जो उसने अपनी हिकमत (बुद्धि) और अदालत (न्याय) के अनुसार सुना दिया। शैतान ने जब आदम (अलैहिस्सलाम) को सजदा करने से इनकार किया और घमंड किया, तो अल्लाह ने उसे अपनी रहमत से दूर कर दिया। शैतान ने अल्लाह से मोहलत (समय) माँगी और क़सम खाई कि वह आदम की संतान को गुमराह करेगा। अल्लाह ने उसे क़यामत तक की मोहलत दी, लेकिन साथ ही यह भी घोषित कर दिया कि इस गुमराही का अंजाम यह होगा कि जहन्नम शैतान और उसके پیرو कारों से भर जाएगी।

यह आयत हमें कई अहम सबक़ सिखाती है:

  1. अल्लाह का वादा सच्चा है: अल्लाह ने जो भी वादा किया है—चाहे वह अच्छे लोगों के लिए जन्नत का हो या बुरे लोगों के लिए जहन्नम का—वह अवश्य पूरा होगा। अल्लाह कभी अपने वादे के खिलाफ नहीं जाता।
  2. शैतान का अंजाम: शैतान चाहे कितना भी ताकतवर और धोखेबाज़ क्यों न हो, उसका अंतिम ठिकाना जहन्नम है। वह अपने پیرو कारों के साथ वहाँ जाएगा। यह हमारे लिए चेतावनी है कि हम शैतान के बहकावे में न आएँ।
  3. अच्छे बंदों के लिए खुशखबरी: जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं, उनके लिए जन्नत है। अल्लाह ने शैतान को यह मोहलत इसलिए दी ताकि अच्छे और बुरे लोगों की परीक्षा हो सके। जो लोग शैतान से बचकर अल्लाह की राह पर चलते हैं, उनका इनाम बहुत बड़ा है।
  4. हिदायत की अहमियत: यह आयत हमें बताती है कि हमें अपने जीवन में हर कदम पर अल्लाह की इबादत और उसकी राह पर चलने की कोशिश करनी चाहिए। शैतान हमेशा हमें गुमराह करने की कोशिश में लगा रहता है, लेकिन अल्लाह की पनाह माँगने वालों को वह कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें याद दिलाती है कि हमें शैतान के धोखों से बचना है और अल्लाह की राह पर चलना है। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलते हैं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। अल्लाह हम सबको शैतान के شر से बचाए और हमें जन्नत का मुस्तहिक बनाए। आमीन।



📜 आयत 83-87 — सूरा साद

83إِلَّا عِبَادَكَ مِنْهُمُ الْمُخْلَصِينَ
खुदा ने फरमाया तो (हम भी) हक़ बात (कहे देते हैं)
84قَالَ فَالْحَقُّ وَالْحَقَّ أَقُولُ
और मैं तो हक़ ही कहा करता हूँ
85لَأَمْلَأَنَّ جَهَنَّمَ مِنكَ وَمِمَّن تَبِعَكَ مِنْهُمْ أَجْمَعِينَ
कि मैं तुझसे और जो लोग तेरी ताबेदारी करेंगे उन सब से जहन्नुम को ज़रूर भरूँगा
86قُلْ مَا أَسْأَلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ وَمَا أَنَا مِنَ الْمُتَكَلِّفِينَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तो तुमसे न इस (तबलीग़े रिसालत) की मज़दूरी माँगता हूँ और न मैं (झूठ मूठ) बनावट करने वाला हूँ
87إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَالَمِينَ
ये (क़ुरान) तो बस सारे जहाँन के लिए नसीहत है
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
85आयत

अनुवाद — साद 85

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Monday, September 28, 2026

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