अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- मय्यितुन (مَيّتٌ): मृत्यु को प्राप्त होने वाला, मरने वाला। यहाँ इसका अर्थ है कि मृत्यु निश्चित है, चाहे वह अभी न आई हो।
व्याख्या:
ऐ नबी! आप भी मृत्यु को प्राप्त होने वाले हैं, और ये लोग (आपके विरोधी और सभी लोग) भी मरने वाले हैं। यह एक सार्वभौमिक सत्य है कि हर जीवित प्राणी को मृत्यु का स्वाद चखना है। न तो आप हमेशा रहेंगे और न ही ये लोग। मृत्यु किसी को नहीं छोड़ती—न नबी को, न आम इंसान को, न बड़े को, न छोटे को। यह ईश्वर का अटल नियम है।
फिर क़यामत के दिन तुम सब अपने रब के सामने एकत्र होगे और आपस में झगड़ों का फ़ैसला होगा। जो लोग आपको झुठला रहे हैं, आप पर हंस रहे हैं, या आपकी मृत्यु की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि मृत्यु उन्हें भी आएगी। मृत्यु में किसी के लिए शर्मिंदगी या खुशी नहीं है—यह तो सभी का साझा सफ़र है। असली कामयाबी और नुक़सान तो उस दिन होगा जब हर इंसान अपने अमल के साथ हाज़िर होगा।
दावत और नसीहत:
ऐ इंसान! यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की ज़िंदगी कुछ दिनों की है। जो लोग सत्ता, धन, या ताक़त पर इतराते हैं, वे भी मरेंगे; और जो कमज़ोर और मज़लूम हैं, वे भी मरेंगे। इसलिए बुद्धिमान वही है जो इस छोटी सी ज़िंदगी को उस रब की रज़ा के लिए बिताए जो कभी नहीं मरता। मृत्यु को याद रखना दिल को नरम करता है, ग़ुरूर को मिटाता है, और इंसान को अच्छे कामों की तरफ़ ले जाता है। आप अपने रब से माफ़ी मांगें, अपने आख़िरत के लिए कुछ अच्छा भेजें, क्योंकि वही दिन सच्ची कामयाबी का दिन होगा जब हम अपने अमल के साथ अल्लाह के सामने खड़े होंगे। यह आयत हमें बराबरी का पैग़ाम देती है—मौत के सामने सब एक समान हैं, तो फिर हम एक-दूसरे से बड़ाई क्यों करें? आओ, हम सब अपने रब की तरफ़ लौटें और उसकी रहमत के तलबगार बनें।
📜 आयत 28-32 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 30
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) बेशक तुम भी मरने वाले होसूरा आयत 30/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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