Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَهْدِ: मार्गदर्शन करना, सत्य की ओर मार्ग दिखाना
- مُضِلّ: गुमराह करने वाला, पथभ्रष्ट करने वाला
- عَزِيز: प्रभुत्वशाली, सर्वशक्तिमान, जिसे कोई पराजित न कर सके
- ذِي انتِقَام: बदला लेने वाला, प्रतिशोध करने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की उस महान शक्ति और कृपा का वर्णन करती है जो वह अपने बंदों पर करता है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिसे अल्लाह हिदायत दे दे, उसे कोई गुमराह नहीं कर सकता। यानी जब अल्लाह किसी बंदे को सत्य का मार्ग दिखा देता है, उसके दिल में ईमान की रोशनी डाल देता है, और उसे अपनी किताब पर अमल करने और अपने रसूल की पैरवी करने की तौफ़ीक़ देता है, तो फिर पूरी दुनिया की ताकतें भी उसे रास्ते से भटका नहीं सकतीं।
यह बात हमें बहुत बड़ी खुशखबरी देती है कि अगर हम अल्लाह से जुड़ जाएं, उसकी राह पर चलें, तो कोई शैतान, कोई इंसान, कोई भी ताकत हमें नुकसान नहीं पहुंचा सकती। अल्लाह की हिफाज़त में जो आ जाए, वह सबसे महफूज़ हो जाता है।
फिर अल्लाह तआला पूछता है: "क्या अल्लाह अपने दुश्मनों से बदला लेने में शक्तिशाली नहीं है?" यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर मुसलमान के दिल में बैठा हुआ है — हाँ, बेशक अल्लाह सबसे शक्तिशाली है, कोई उसे हरा नहीं सकता, और वह उन लोगों से जरूर बदला लेगा जो उसके साथ कुफ्र करते हैं, उसकी आयतों को झुठलाते हैं, और उसकी नाफरमानी करते हैं।
यह आयत मोमिनीन के लिए सबसे बड़ी तसल्ली है कि अगर दुनिया में जुल्म करने वाले, काफिर और मुनाफिकीन बड़े ताकतवर नजर आते हैं, तो उनकी ताकत अल्लाह के सामने कुछ भी नहीं। अल्लाह उन्हें उनके किए की सजा जरूर देगा। इसलिए हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही सबसे बड़ा संरक्षक और सहायक है।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि हम अपनी जिंदगी में अल्लाह की हिदायत को सबसे बड़ी नेमत समझें, उस पर अमल करें, और यकीन रखें कि अल्लाह की पकड़ बहुत मजबूत है। जो लोग अल्लाह के दीन का मुकाबला करते हैं, वे चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, अल्लाह उन्हें नाकाम करके रहेगा। यही हमारे ईमान की ताकत है, और यही हमारी कामयाबी का राज़ है।
📜 आयत 35-39 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 37
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिस शख्स की हिदायत करे तो उसका कोई गुमराह…सूरा आयत 37/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


