अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شَدِيدُ الْعِقَابِ: अत्यंत कठोर दंड देने वाला
- غَفُورٌ: अत्यधिक क्षमा करने वाला
- رَّحِيمٌ: अत्यंत दयालु
व्याख्या:
ऐ लोगों! तुम यह अच्छी तरह जान लो कि अल्लाह उन लोगों को बहुत कठोर दंड देने वाला है जो उसकी अवज्ञा करते हैं और उसके आदेशों का उल्लंघन करते हैं। उसकी पकड़ बहुत सख्त है और उसका दंड अत्यंत भयानक है। साथ ही, यह भी जान लो कि अल्लाह उन लोगों के लिए अत्यधिक क्षमा करने वाला और बड़ा दयालु है जो अपने पापों से तौबा करके उसकी ओर लौटते हैं, उसकी आज्ञा का पालन करते हैं और उसकी इबादत करते हैं। यानी अल्लाह की दो विशेषताएँ एक साथ हैं—वह दंड देने में सख्त है, लेकिन क्षमा करने में भी अत्यंत दयालु है। यह उसका न्याय और उसकी दया दोनों को दर्शाता है।
शिक्षाएँ और लाभ:
- इस आयत से हमें अल्लाह के डर और उसकी रहमत के बीच संतुलन बनाने की शिक्षा मिलती है। हमें उसके दंड से डरना चाहिए और उसकी क्षमा की आशा रखनी चाहिए।
- यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की क्षमा का द्वार हमेशा खुला है। चाहे पाप कितने भी बड़े हों, अगर इंसान सच्चे दिल से तौबा कर ले तो अल्लाह उसे माफ कर देता है।
- यहाँ अल्लाह ने पहले अपने दंड का ज़िक्र किया और फिर अपनी क्षमा का, ताकि इंसान न तो अल्लाह की रहमत पर इतना भरोसा करे कि गुनाह करता रहे, और न ही उसकी रहमत से निराश होकर तौबा छोड़ दे।
- यह आयत हमें अल्लाह की ओर लौटने की प्रेरणा देती है। जब हमें पता चलता है कि अल्लाह क्षमा करने वाला और दयालु है, तो हमारे दिल में उम्मीद पैदा होती है और हम अपनी गलतियों से सीखकर बेहतर इंसान बनने की कोशिश करते हैं।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह का दंड और उसकी क्षमा दोनों उसकी हिकमत (बुद्धिमत्ता) पर आधारित हैं। वह जिसे चाहे दंड दे और जिसे चाहे क्षमा कर दे, लेकिन उसका फैसला हमेशा न्याय और दया पर आधारित होता है।
📜 आयत 96-100 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 98
सूरा अल-माइदा आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जान लो कि यक़ीनन ख़ुदा बड़ा अज़ाब वाला है और…सूरा आयत 98/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.
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Wednesday, August 19, 2026
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