अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُفْتَنُونَ (युफ़्तनून): अर्थात उन्हें आग में डालकर परखा जाएगा, यानी उन्हें आग में जलाकर यातना दी जाएगी। यहाँ "फ़ित्ना" का अर्थ यातना और अज़ाब देना है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस दिन का वर्णन कर रही है जब झुठलाने वालों से पूछा जाएगा: "सज़ा का दिन कब है?" (ज़ारियात: 12) तो अल्लाह तआला जवाब देते हुए फ़रमाते हैं कि वह दिन वह है जब वे आग पर यातना दिए जाएंगे। यानी उन्हें जहन्नम की आग में डाला जाएगा और उन्हें जलाकर अज़ाब दिया जाएगा। यह उनके लिए बहुत ही भयानक और दर्दनाक दिन होगा। उस दिन उनसे कहा जाएगा: "चखो अपनी यातना का स्वाद, यह वही चीज़ है जिसे तुम दुनिया में जल्दी माँगा करते थे और मज़ाक उड़ाया करते थे।"
यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह का वादा सच्चा है और क़ियामत का दिन निश्चित रूप से आने वाला है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और नबियों का मज़ाक उड़ाते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। लेकिन अल्लाह रहम करने वाला है, उसने हमें मौका दिया है कि हम तौबा कर लें और अपने आपको उस आग से बचा लें। रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया कि जो शख्स यक़ीन के साथ "ला इलाहा इल्लल्लाह" कहे, वह जहन्नम से बच जाएगा। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अच्छे काम करें और उस दिन की तैयारी करें जब कोई माल और औलाद काम नहीं आएगी, सिवाय उसके जो साफ़ दिल के साथ अल्लाह के पास आएगा।
यह आयत हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक रहमत भी। चेतावनी इसलिए कि हम ग़लत कामों से बचें, और रहमत इसलिए कि अल्लाह ने हमें दुनिया में भेजकर मौका दिया है कि हम अपनी ज़िंदगी को सुधार लें और उस आग से बचने का रास्ता अपना लें। अल्लाह तआला हम सबको उस आग से बचाए और जन्नत अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 11-15 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 13
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जब इनको (जहन्नुम की) आग में अज़ाब दिया जाएगासूरा आयत 13/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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