Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَوْضٍ (ख़ौज़): बातिल (झूठ) में पड़ना, बेकार की बातों में उलझना, मज़ाक़ उड़ाना।
- يَلْعَبُونَ (यल'अबून): खेलना, मज़ाक़ करना, दीन को हँसी-मज़ाक़ बनाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन झुठलाने वालों का हाल बयान कर रहा है जो क़यामत के दिन अज़ाब में डाले जाएँगे। ये वो लोग हैं जो दुनिया में बातिल (झूठ) में डूबे हुए थे और दीन (धर्म) को मज़ाक़ बनाकर खेलते रहे। उन्होंने क़ुरआन और रसूल ﷺ का मज़ाक़ उड़ाया, आयतों को झुठलाया और आख़िरत (परलोक) के आने पर यक़ीन नहीं किया। वे अपनी ख़ाहिशात (इच्छाओं) के पीछे चलते रहे और हक़ (सत्य) को सुनने से मुँह मोड़ते रहे। उनकी यही हालत उन्हें जहन्नम (नरक) तक ले गई।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी कैसे बिता रहे हैं। क्या हम भी दुनिया के झूठे मामलों में उलझकर आख़िरत को भूल गए हैं? क्या हम दीन को मज़ाक़ समझते हैं या उसे अपनी ज़िंदगी का असली मक़सद मानते हैं? अल्लाह तआला ने हमें अक्ल दी है ताकि हम हक़ को समझें और उस पर चलें। जो लोग क़ुरआन और रसूल ﷺ की बातों को गंभीरता से नहीं लेते, वे उसी अंजाम से दो-चार होंगे जिसका ज़िक्र इस आयत में है। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को खेल-तमाशा न बनाएँ, बल्कि अल्लाह की इबादत और उसके हुक्मों पर अमल करके उस दिन की शर्मिंदगी से बचें, जब कोई किसी के काम न आएगा।
📜 आयत 10-14 — सूरा अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 12
सूरा अत-तूर आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग बातिल में पड़े खेल रहे हैंसूरा आयत 12/49 — सूरा अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तूर सुनें, सूरा अत-तूर अनुवाद, सूरा अत-तूर mp3, सूरा अत-तूर pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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