अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अम: क्या (प्रश्नवाचक, इन्कार के अर्थ में)
- ख़ज़ाइन: ख़ज़ानों की चाबियाँ या भण्डार
- रब्बिक: आपके पालनहार
- मुसैतिरून: अधिकार रखने वाले, दबदबा रखने वाले, ज़बरदस्ती करने वाले
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों से सवाल कर रहा है जो रसूलुल्लाह ﷺ की बात नहीं मानते और अपनी अकड़ में मुंह फेरते हैं। अल्लाह फरमाता है: क्या उनके पास तुम्हारे रब के ख़ज़ाने हैं? क्या वे रिज़्क़, नबुव्वत और रहमत के भण्डारों पर क़ाबू रखते हैं कि जिसे चाहें दें और जिससे चाहें रोक दें? क्या नबुव्वत और रिसालत उनके हाथ में है कि वे इसे जिसे चाहें सौंप दें और जिसे चाहें महरूम कर दें?
फिर अल्लाह पूछता है: क्या वे ही मुसैतिर हैं? यानी क्या वे ही सारी दुनिया पर हुकूमत रखते हैं, सब पर उनका दबदबा है, और वे जो चाहें कर गुज़रें? क्या सारा इख़्तियार उन्हीं के पास है?
ये सवाल उन्हें उनकी औक़ात दिखाने के लिए हैं। असल हक़ीक़त यह है कि ये लोग बिल्कुल कमज़ोर और आजिज़ हैं। इनके पास न कुछ है और न इनका कोई दबदबा है। सब कुछ अल्लाह के हाथ में है। वही रिज़्क़ देता है, वही नबुव्वत देता है, वही इज़्ज़त और ज़िल्लत देता है। ये लोग तो उल्टे ख़ुद अल्लाह की रहमत के मोहताज हैं।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि इंसान को अपनी औक़ात नहीं भूलनी चाहिए। जो इंसान यह समझ ले कि सारा इख़्तियार सिर्फ़ अल्लाह के पास है, वह कभी सरकशी नहीं करेगा। अल्लाह के दीन की बात को ठुकराना, नबियों की बात न मानना, यह सब अहंकार और ग़लतफ़हमी से पैदा होता है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि रिज़्क़, ज़िंदगी, मौत, इज़्ज़त — सब अल्लाह के हाथ में है, तो हमारे दिल में अल्लाह का डर पैदा होता है और हम उसके हुक्म के आगे सर झुका देते हैं।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह ने जिसे नबुव्वत दी, वही सच्चा रास्ता दिखाने वाला है। हमें अपनी अक्ल पर भरोसा करने के बजाय अल्लाह के चुने हुए रसूलों की पैरवी करनी चाहिए। यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे।
📜 आयत 35-39 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 37
सूरा अत-तूर आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या तुम्हारे परवरदिगार के ख़ज़ाने इन्हीं के पास हैं या…सूरा आयत 37/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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