अन-नज्म · 3/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
وَمَا يَنطِقُ عَنِ الْهَوَىٰ ۝٣
Wa maa yyantiqu `anilhawaaa
📖 हिंदी अर्थ
और वह तो अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश से कुछ भी नहीं कहते

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَنطِقُ: बोलता है, कहता है।
  • الهَوَى: मन की इच्छा, नफ्स की ख्वाहिश, मनमानी।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी मुहम्मद ﷺ की पाक सिफ़त बयान कर रहे हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि ये नबी ﷺ अपनी मनमानी से कोई बात नहीं बोलते। आप ﷺ का हर क़ौल, हर इरशाद, हर बात — चाहे वह क़ुरआन हो या हदीस — सब अल्लाह की तरफ़ से वही (प्रकाशना) पर आधारित है। आप ﷺ नफ्स की ख्वाहिश के पीछे नहीं चलते, न ही अपनी इच्छा से कोई बात कहते हैं। आप ﷺ की ज़ुबान पर वही आती है जो अल्लाह चाहता है। यह आयत नबी ﷺ की सबसे बड़ी गवाही है कि आप ﷺ का हर क़ौल हक़ और सच्चाई पर है, और इसमें कोई शक नहीं कि आप ﷺ की हर बात अल्लाह की तरफ़ से है।

यह आयत हमें सिखाती है कि नबी ﷺ की सुन्नत और हदीस को भी उतनी ही अहमियत देनी चाहिए जितनी क़ुरआन को, क्योंकि दोनों वही पर आधारित हैं। अल्लाह ने अपने नबी को हर तरह की ग़लती और भूल से पाक रखा है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है कि हमें एक ऐसा रहनुमा मिला जिसकी हर बात अल्लाह की तरफ़ से है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें भी अपनी ज़ुबान को हक़ के सिवा किसी और चीज़ के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जिस तरह नबी ﷺ ने अपनी ज़ुबान को हक़ के लिए मख़सूस किया, हमें भी चाहिए कि हम झूठ, ग़ीबत, चुगली और बेकार की बातों से अपनी ज़ुबान को बचाएं और हमेशा सच और भलाई की बात बोलें। यही नबी ﷺ की सच्ची मुहब्बत का तक़ाज़ा है कि हम उनके तरीक़े को अपनाएं और उनकी सुन्नत पर अमल करें।



📜 आयत 1-5 — सूरा अन-नज्म

1وَالنَّجْمِ إِذَا هَوَىٰ
तारे की क़सम जब टूटा
2مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمْ وَمَا غَوَىٰ
कि तुम्हारे रफ़ीक़ (मोहम्मद) न गुमराह हुए और न बहके
3وَمَا يَنطِقُ عَنِ الْهَوَىٰ
और वह तो अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश से कुछ भी नहीं कहते
4إِنْ هُوَ إِلَّا وَحْيٌ يُوحَىٰ
ये तो बस वही है जो भेजी जाती है
5عَلَّمَهُ شَدِيدُ الْقُوَىٰ
इनको निहायत ताक़तवर (फ़रिश्ते जिबरील) ने तालीम दी है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — अन-नज्म 3

सूरा अन-नज्म आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह तो अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश से कुछ भी नहीं…

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Monday, September 28, 2026

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