Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْآخِرَةُ (आख़िरत): परलोक, अंतिम जीवन
- الْأُولَىٰ (उला): दुनिया, पहला जीवन
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के भ्रम को दूर करती है जो सोचते हैं कि वे अपनी इच्छा और चाहत से कुछ पा सकते हैं, या कि उनके झूठे देवता और मूर्तियाँ उन्हें कुछ दे सकती हैं। अल्लाह तआला स्पष्ट कर रहे हैं कि दुनिया और आख़िरत — दोनों का मालिक केवल अल्लाह ही है। वही तय करता है कि किसे देना है और किसे नहीं देना है, किसे सफलता देनी है और किसे नाकामी। किसी बंदे की सिर्फ़ तमन्ना कर लेने से कुछ नहीं होता, जब तक कि अल्लाह की मर्ज़ी न हो।
याद रखिए! दुनिया और आख़िरत — दोनों अल्लाह के हाथ में हैं। वह जिसे चाहे दुनिया दे, जिसे चाहे आख़िरत दे, और जिसे चाहे दोनों दे। इसलिए बुद्धिमान वही है जो अपनी तमन्नाओं को अल्लाह की रज़ा के ताबे कर ले, और उससे माँगे जो उसके लिए बेहतर हो। अल्लाह से सीधे जुड़िए, उसी से उम्मीद रखिए — क्योंकि वही सब कुछ का मालिक है। जो व्यक्ति अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसे वह रास्ता दिखाता है जो दुनिया और आख़िरत दोनों में भलाई का हो।
📜 आयत 23-27 — सूरा अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 25
सूरा अन-नज्म आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : आख़ेरत और दुनिया तो ख़ास ख़ुदा ही के एख्तेयार में…सूरा आयत 25/62 — सूरा अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नज्म सुनें, सूरा अन-नज्म अनुवाद, सूरा अन-नज्म mp3, सूरा अन-नज्म pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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