Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَمْ – क्या (प्रश्नवाचक, इन्कार के अर्थ में)
- لِلْإِنْسَانِ – इंसान के लिए
- مَا تَمَنَّى – जो वह चाहता है / जिसकी वह कामना करता है
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो मूर्तियों और झूठे देवताओं की शिफ़ाअत (सिफ़ारिश) की उम्मीद रखते हैं। वे सोचते हैं कि ये मूर्तियाँ उन्हें अल्लाह के पास पहुँचा देंगी और उनकी सिफ़ारिश कर देंगी, जिससे उनकी सारी इच्छाएँ पूरी हो जाएँगी। अल्लाह तआला इस आयत में उनकी इस ग़लतफ़हमी को चुनौती देते हुए फ़रमाते हैं: क्या इंसान के लिए वह सब कुछ है जो वह चाहता है? क्या उसकी हर कामना पूरी होती है? हरगिज़ नहीं!
यह आयत एक बड़ी हक़ीक़त की तरफ़ इशारा करती है — इंसान अक्सर अपनी ख़्वाहिशों को पूरा करने के लिए झूठे सहारे ढूँढता है। वह सोचता है कि अगर वह किसी मूर्ति, किसी संत, या किसी और चीज़ को अपना वसीला बना ले, तो उसकी मन्नतें पूरी हो जाएँगी। लेकिन अल्लाह साफ़ फ़रमाता है कि दुनिया और आख़िरत का मामला सिर्फ़ अल्लाह के हाथ में है। न कोई मूर्ति सिफ़ारिश कर सकती है, न कोई इंसान अपनी मर्ज़ी से किसी को फ़ायदा पहुँचा सकता है। सारा इख़्तियार सिर्फ़ अल्लाह के पास है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपनी ज़िंदगी में जो भी चाहते हैं, उसे सिर्फ़ अल्लाह से माँगें। वही सब कुछ कर सकता है। मूर्तियाँ, बुत, या कोई और चीज़ — ये सब बेबस हैं। अल्लाह के सिवा कोई मददगार नहीं, कोई सिफ़ारिश करने वाला नहीं, जब तक अल्लाह ख़ुद इजाज़त न दे।
और यह भी याद रखें — अल्लाह की रहमत और क़ुदरत असीम है। वह चाहे तो हमारी हर जायज़ ख़्वाहिश पूरी कर सकता है, लेकिन शर्त यह है कि हम सिर्फ़ उसी की तरफ़ रुजू करें, सिर्फ़ उसी से उम्मीद रखें, और अपनी ज़िंदगी को उसकी बताई हुई राह पर चलाएँ। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम अपनी तमन्नाओं को अल्लाह के सुपुर्द कर दें और उसकी मर्ज़ी पर राज़ी रहें। जो इंसान अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसे कभी निराश नहीं करता।
📜 आयत 22-26 — सूरा अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 24
सूरा अन-नज्म आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या जिस चीज़ की इन्सान तमन्ना करे वह उसे ज़रूर…सूरा आयत 24/62 — सूरा अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नज्म सुनें, सूरा अन-नज्म अनुवाद, सूरा अन-नज्म mp3, सूरा अन-नज्म pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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