अन-नज्म · 47/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
وَأَنَّ عَلَيْهِ النَّشْأَةَ الْأُخْرَىٰ ۝٤٧
Wa anna `alaihin nash atal ukhraa
📖 हिंदी अर्थ
और ये कि उसी पर (कयामत में) दोबारा उठाना लाज़िम है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • النَّشْأَةَ: सृष्टि, पैदाइश, बनावट।
  • الْأُخْرَى: दूसरी (बार), यानी आख़िरत की सृष्टि।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि दोबारा पैदा करना (यानी क़यामत के दिन दोबारा ज़िंदा करके उठाना) अल्लाह ही के ज़िम्मे है। जिस तरह पहली बार पैदा करना अल्लाह के क़ुदरत से हुआ, उसी तरह दूसरी बार पैदा करना भी उसी के ज़िम्मे है। यह कोई मुश्किल काम नहीं, क्योंकि जिसने पहली बार पैदा किया, वह दूसरी बार पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।

यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो आख़िरत और दोबारा ज़िंदा होने को नामुमकिन समझते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह काम उसी के ज़िम्मे है और वह इसे ज़रूर अंजाम देगा। मौत के बाद दोबारा ज़िंदा होना, क़ब्रों से निकलना, हिसाब-किताब, जन्नत और जहन्नम — यह सब कुछ अल्लाह की क़ुदरत से होने वाला है।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि हमें अपनी ज़िंदगी को समझकर गुज़ारना चाहिए। यह दुनिया की ज़िंदगी आख़िरी नहीं है, बल्कि इसके बाद एक और ज़िंदगी आने वाली है जो हमेशा रहेगी। जो लोग इस दूसरी ज़िंदगी पर ईमान रखते हैं, वे दुनिया में अच्छे काम करते हैं, अल्लाह की इबादत करते हैं और लोगों के साथ भलाई करते हैं। वे जानते हैं कि उनके हर अच्छे और बुरे काम का हिसाब होगा।

अल्लाह तआला की रहमत और क़ुदरत पर ग़ौर करें — जिसने हमें पहली बार पैदा किया, वही हमें दोबारा ज़िंदा करेगा। यह हमारे लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि मौत के बाद भी एक बेहतर ज़िंदगी हमारा इंतज़ार कर रही है, बशर्ते हम अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उसकी राह में नेक काम करें। यह ईमान हमें ज़िंदगी का सही मक़सद देता है और हमें अच्छे इंसान बनाता है।



📜 आयत 45-49 — सूरा अन-नज्म

45وَأَنَّهُ خَلَقَ الزَّوْجَيْنِ الذَّكَرَ وَالْأُنثَىٰ
और ये कि वही नर और मादा दो किस्म (के हैवान) नुत्फे से जब (रहम में) डाला जाता है
46مِن نُّطْفَةٍ إِذَا تُمْنَىٰ
पैदा करता है
47وَأَنَّ عَلَيْهِ النَّشْأَةَ الْأُخْرَىٰ
और ये कि उसी पर (कयामत में) दोबारा उठाना लाज़िम है
48وَأَنَّهُ هُوَ أَغْنَىٰ وَأَقْنَىٰ
और ये कि वही मालदार बनाता है और सरमाया अता करता है,
49وَأَنَّهُ هُوَ رَبُّ الشِّعْرَىٰ
और ये कि वही योअराए का मालिक है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
47आयत

अनुवाद — अन-नज्म 47

सूरा अन-नज्म आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि उसी पर (कयामत में) दोबारा उठाना लाज़िम…

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Thursday, October 1, 2026

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