अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- النَّشْأَةَ: सृष्टि, पैदाइश, बनावट।
- الْأُخْرَى: दूसरी (बार), यानी आख़िरत की सृष्टि।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि दोबारा पैदा करना (यानी क़यामत के दिन दोबारा ज़िंदा करके उठाना) अल्लाह ही के ज़िम्मे है। जिस तरह पहली बार पैदा करना अल्लाह के क़ुदरत से हुआ, उसी तरह दूसरी बार पैदा करना भी उसी के ज़िम्मे है। यह कोई मुश्किल काम नहीं, क्योंकि जिसने पहली बार पैदा किया, वह दूसरी बार पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।
यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो आख़िरत और दोबारा ज़िंदा होने को नामुमकिन समझते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह काम उसी के ज़िम्मे है और वह इसे ज़रूर अंजाम देगा। मौत के बाद दोबारा ज़िंदा होना, क़ब्रों से निकलना, हिसाब-किताब, जन्नत और जहन्नम — यह सब कुछ अल्लाह की क़ुदरत से होने वाला है।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि हमें अपनी ज़िंदगी को समझकर गुज़ारना चाहिए। यह दुनिया की ज़िंदगी आख़िरी नहीं है, बल्कि इसके बाद एक और ज़िंदगी आने वाली है जो हमेशा रहेगी। जो लोग इस दूसरी ज़िंदगी पर ईमान रखते हैं, वे दुनिया में अच्छे काम करते हैं, अल्लाह की इबादत करते हैं और लोगों के साथ भलाई करते हैं। वे जानते हैं कि उनके हर अच्छे और बुरे काम का हिसाब होगा।
अल्लाह तआला की रहमत और क़ुदरत पर ग़ौर करें — जिसने हमें पहली बार पैदा किया, वही हमें दोबारा ज़िंदा करेगा। यह हमारे लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि मौत के बाद भी एक बेहतर ज़िंदगी हमारा इंतज़ार कर रही है, बशर्ते हम अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उसकी राह में नेक काम करें। यह ईमान हमें ज़िंदगी का सही मक़सद देता है और हमें अच्छे इंसान बनाता है।
📜 आयत 45-49 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 47
सूरा अन-नज्म आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि उसी पर (कयामत में) दोबारा उठाना लाज़िम…सूरा आयत 47/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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