अन-नज्म · 51/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
وَثَمُودَ فَمَا أَبْقَىٰ ۝٥١
Wa samooda famaaa abqaa
📖 हिंदी अर्थ
और समूद को भी ग़रज़ किसी को बाक़ी न छोड़ा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ثَمُودَ: समूद की क़ौम, जो नबी सालिह अलैहिस्सलाम की उम्मत थी।
  • فَمَا أَبْقَى: तो उनमें से किसी को भी बाक़ी न छोड़ा।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इस आयत में समूद की क़ौम का ज़िक्र फ़रमाया है, जो नबी सालिह अलैहिस्सलाम की क़ौम थी। यह वही क़ौम थी जिसने अपने नबी को झुठलाया और अल्लाह की निशानी (ऊँटनी) को काट डाला। अल्लाह तआला ने उन्हें एक सख़्त चिंघाड़ (सैहा) के ज़रिए हलाक कर दिया, और उनमें से किसी को भी बाक़ी न छोड़ा — न बूढ़ों को बख़्शा, न जवानों को, न बच्चों को। यह अल्लाह का क़हर (प्रकोप) था जो उन पर नाज़िल हुआ, क्योंकि उन्होंने हक़ को नकारा और अपनी सरकशी (अवज्ञा) में हद से गुज़र गए।

यह ज़िक्र अल्लाह तआला ने इसलिए किया ताकि इंसान उन अगली क़ौमों के अंजाम से इबरत (शिक्षा) हासिल करे। समूद की क़ौम अपनी ताक़त और तामीरात (भवनों) पर बहुत नाज़ करती थी, लेकिन उनकी ताक़त अल्लाह के अज़ाब के सामने कुछ भी काम न आई। अल्लाह ने उन्हें इस तरह मिटाया कि उनका कोई निशान भी बाक़ी न रहा।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम हलाकत है। जो क़ौमें अपने नबियों को झुठलाती हैं और अल्लाह के हुक्मों से सरकशी करती हैं, उनका अंजाम यही होता है। इसलिए हमें चाहिए कि अल्लाह के हुक्मों पर अमल करें, अपने नबी की सुन्नत को अपनाएँ और उन लोगों के हाल से इबरत हासिल करें जो अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुए।

याद रखिए, अल्लाह तआला बड़ा रहम करने वाला है, लेकिन जब उसका अज़ाब आता है, तो कोई उसे टाल नहीं सकता। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की रहमत के तलबगार बनें, उसकी नाफ़रमानी से बचें और अपनी ज़िंदगी को उसके बताए हुए रास्ते पर चलाएँ। यही कामयाबी का रास्ता है, और यही वह रास्ता है जो हमें जहन्नुम के अज़ाब से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाता है।



📜 आयत 49-53 — सूरा अन-नज्म

49وَأَنَّهُ هُوَ رَبُّ الشِّعْرَىٰ
और ये कि वही योअराए का मालिक है
50وَأَنَّهُ أَهْلَكَ عَادًا الْأُولَىٰ
और ये कि उसी ने पहले (क़ौमे) आद को हलाक किया
51وَثَمُودَ فَمَا أَبْقَىٰ
और समूद को भी ग़रज़ किसी को बाक़ी न छोड़ा
52وَقَوْمَ نُوحٍ مِّن قَبْلُ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا هُمْ أَظْلَمَ وَأَطْغَىٰ
और (उसके) पहले नूह की क़ौम को बेशक ये लोग बड़े ही ज़ालिम और बड़े ही सरकश थे
53وَالْمُؤْتَفِكَةَ أَهْوَىٰ
और उसी ने (क़ौमे लूत की) उलटी हुई बस्तियों को दे पटका
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
51आयत

अनुवाद — अन-नज्म 51

सूरा अन-नज्म आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और समूद को भी ग़रज़ किसी को बाक़ी न छोड़ा

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Saturday, October 3, 2026

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