अन-नज्म · 7/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
وَهُوَ بِالْأُفُقِ الْأَعْلَىٰ ۝٧
Wa huwa bil ufuqil a`laa
📖 हिंदी अर्थ
फिर करीब हो (और आगे) बढ़ा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَهُوَ: यह सर्वनाम हज़रत जिब्रील (अलैहिस्सलाम) की ओर इशारा करता है।
  • بِالْأُفُقِ الْأَعْلَىٰ: सबसे ऊँचे क्षितिज (आकाश के उच्चतम किनारे) पर, जहाँ सूर्य उगता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की महान यात्रा (मेराज) और उनके द्वारा देखे गए दृश्यों का वर्णन कर रहे हैं। यहाँ "वह" से अर्थ हज़रत जिब्रील (अलैहिस्सलाम) हैं, जो अल्लाह के सबसे शक्तिशाली और सम्मानित फ़रिश्ते हैं। वे अपने वास्तविक स्वरूप में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के सामने प्रकट हुए, उस ऊँचे क्षितिज पर जहाँ सूर्य उदय होता है — यह दृश्य अत्यंत भव्य और अद्भुत था।

यह घटना बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने नबी को सर्वोच्च सम्मान और स्थान प्रदान किया। जिब्रील (अलैहिस्सलाम) की यह उपस्थिति उस समय की थी जब उन्होंने अपनी पूरी सृष्टि के साथ अपने असली रूप में दर्शन दिए। यह दृश्य नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के लिए एक बड़ा सम्मान और अल्लाह की कुदरत का प्रमाण था।

इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अल्लाह तआला अपने चुने हुए बंदों को अपनी विशेष रहमत और करीबी से नवाज़ता है। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की यह स्थिति हमारे लिए प्रेरणा है कि हम अल्लाह की इबादत और उसके रसूल की सुन्नत पर चलकर उसकी रहमत के हक़दार बनें। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह का इल्म और कुदरत असीम है, और वह अपने बंदों को जो कुछ दिखाना चाहता है, दिखा सकता है।

हमें इस आयत से यह सबक लेना चाहिए कि अल्लाह और उसके रसूल की मुहब्बत ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। जो लोग इस मुहब्बत को अपने दिलों में बसा लेते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में सफलता प्रदान करता है। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह का दीन (इस्लाम) सच्चा है, और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सबसे उच्च स्थान के मालिक हैं। हमें चाहिए कि हम अपने जीवन को उन्हीं के बताए हुए रास्ते पर चलाएँ, ताकि हम भी अल्लाह की रहमत और मग़फिरत के हक़दार बन सकें।



📜 आयत 5-9 — सूरा अन-नज्म

5عَلَّمَهُ شَدِيدُ الْقُوَىٰ
इनको निहायत ताक़तवर (फ़रिश्ते जिबरील) ने तालीम दी है
6ذُو مِرَّةٍ فَاسْتَوَىٰ
जो बड़ा ज़बरदस्त है और जब ये (आसमान के) ऊँचे (मुशरक़ो) किनारे पर था तो वह अपनी (असली सूरत में) सीधा खड़ा हुआ
7وَهُوَ بِالْأُفُقِ الْأَعْلَىٰ
फिर करीब हो (और आगे) बढ़ा
8ثُمَّ دَنَا فَتَدَلَّىٰ
(फिर जिबरील व मोहम्मद में) दो कमान का फ़ासला रह गया
9فَكَانَ قَابَ قَوْسَيْنِ أَوْ أَدْنَىٰ
बल्कि इससे भी क़रीब था
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
7आयत

अनुवाद — अन-नज्म 7

सूरा अन-नज्म आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर करीब हो (और आगे) बढ़ा

सूरा आयत 7/62 — सूरा अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नज्म सुनें, सूरा अन-नज्म अनुवाद, सूरा अन-नज्म mp3, सूरा अन-नज्म pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Monday, September 28, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए